पुलिस कस्टडी से फरार हुआ ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का साबिर, मददगार बने पिता-पुत्र गिरफ्तार

अंबिकापुर। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर और वारंटी आरोपी साबिर आलम को पुलिस (police) अभिरक्षा से छुड़ाकर भगाने के मामले में अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने भीड़ के साथ मिलकर धनबाद पुलिस टीम पर हमला किया और गैंगस्टर साबिर आलम को फरार होने में मदद की। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, धनबाद के बरोरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक अभय कुमार (police) को सूचना मिली थी कि बैंकमोड़ थाना क्षेत्र का वारंटी गैंगस्टर साबिर आलम पहचान छिपाकर अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में रह रहा है। सूचना के आधार पर 29 जून 2026 की सुबह धनबाद पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंची। मोमिनपुरा मस्जिद के पास स्कूटी से जा रहे संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम साबिर आलम बताया।
पुलिस जब वैधानिक कार्रवाई कर रही थी, तभी साबिर ने आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया। आरोप है कि मोहम्मद जाहिद खान और उसका बेटा जुनैद खान अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की कर साबिर आलम को छुड़ाकर फरार करा दिया। घटना के बाद भीड़ भी मौके से भाग निकली।
धनबाद पुलिस (police) की शिकायत पर अंबिकापुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान वीडियो कॉल और व्हाट्सएप के जरिए आरोपियों की पहचान की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मोहम्मद जाहिद खान (59) और जुनैद खान (30) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं गैंगस्टर साबिर आलम की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की विशेष टीमें सक्रिय हैं। मामले की जांच जारी है।

