BJP विधायक के बंगले में दिनदहाड़े चोरी: सामने स्पेशल DG का घर, फिर भी बेखौफ चोरों ने तोड़े ताले

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हाई-सिक्योरिटी इलाके चार इमली में दिनदहाड़े चोरी की वारदात से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रविवार दोपहर बदमाशों ने भाजपा विधायक (BJP MLA) और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के सरकारी आवास को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि विधायक का बंगला स्पेशल डीजी अजय शर्मा के सरकारी आवास के ठीक सामने है। इसके बावजूद चोर ताले तोड़कर अंदर दाखिल हुए और सामान लेकर फरार हो गए।
ताले नहीं खुले तो कुंडे उखाड़ दिए
विधायक अजय विश्नोई को चार इमली में डी-11/03 सरकारी आवास आवंटित है। बताया गया कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने सूने बंगले में प्रवेश किया। चोरों ने पहले दरवाजों के ताले तोड़ने की कोशिश की। जहां ताले नहीं खुले, वहां दरवाजों के कुंडे ही उखाड़ दिए।
ये भी पढ़े: सौरभ शर्मा केस में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, 15 से ज्यादा लोग बन सकते हैं आरोपी
बदमाश बंगले के अंदर से पानी की नल की टोटियां और अन्य सामान चोरी कर ले गए। वारदात के समय बंगला खाली था। चोरों ने दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया, लेकिन आसपास मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी।
महीने में कुछ दिन ही भोपाल आते हैं विधायक
अजय विश्नोई आमतौर पर महीने में तीन-चार दिन ही भोपाल (BJP MLA) में रहते हैं। बाकी समय सरकारी आवास खाली रहता है। रविवार को जब विधायक बंगले पर पहुंचे, तब उन्हें ताले टूटे मिले। इसके बाद उन्होंने विधानसभा को घटना की सूचना दी।
मामले में हबीबगंज थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
हाई-सिक्योरिटी जोन में लगातार वारदात
चार इमली में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। इसके बावजूद यहां लगातार चोरी और लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में एक अधिकारी के खाली मकान में चोरी हुई थी।
इससे पहले सितंबर 2025 में IG इंटेलिजेंस डॉ. आशीष के साथ भी मोबाइल लूट (BJP MLA) की घटना हुई थी। वे पत्नी के साथ टहलने निकले थे, तभी बाइक सवार बदमाश मोबाइल झपटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
विधायक के बंगले में दिनदहाड़े हुई ताजा चोरी ने एक बार फिर चार इमली की सुरक्षा व्यवस्था और हाई-सिक्योरिटी जोन में पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


