टीएमसी के 160 करोड़ फंड से खरीदे गए जेट और हेलिकॉप्टर: ED जांच में बड़ा खुलासा, चंदे के इस्तेमाल पर उठे सवाल

दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फंड के इस्तेमाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पार्टी के खजाने से करीब 160 करोड़ रुपए कोलकाता की एक निजी कंपनी को दिए गए, जिसके बाद उस रकम से एक जेट और एक वीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदा गया। अब इस पूरे मामले में धन के इस्तेमाल और लेनदेन के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि टीएमसी (TMC) ने कोलकाता स्थित केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 88.5 करोड़ रुपए ब्याज-मुक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में दिए थे। आरोप है कि कंपनी के पास विमान खरीदने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। ऐसे में पार्टी से मिली रकम को कंपनी की ऑफशोर इकाई केयरवेल फ्लाईजेट आईएफएससी प्राइवेट लिमिटेड में ट्रांसफर किया गया, जहां से विमान खरीदे गए।
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लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने में जुटी ईडी
ईडी के अनुसार, कंपनी ने 6 जून 2023 को एम्ब्राएर लिगेसी 600 जेट और 17 अप्रैल 2025 को अगस्ता 109 ग्रैंड हेलिकॉप्टर खरीदा। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसमें वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
जांच के दौरान केमैन आइलैंड से जुड़े करीब 16 करोड़ रुपए के एक अन्य ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेट और हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल के लिए टीएमसी को 72 महीने और 56 महीने की अवधि के लिए करीब 186.9 करोड़ रुपए का भुगतान करना था।
व्यावसायिक व्यवस्था की तरह दिखाई दे रहा
ईडी का कहना है कि शुरुआती जांच में यह पूरा लेनदेन एक सुनियोजित व्यावसायिक व्यवस्था की तरह दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पार्टी फंड (TMC) का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया और इससे जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।



