Follow Us on Our Social Media
National

अमित शाह ने मुंबई में किया ‘सेवा संकल्प अभियान’ का ऐलान, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने का ऐलान किया है। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने अभियान की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने का भी जिक्र किया।

इससे पहले अमित शाह ने मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित ‘गणेश ज्ञानार्थी’ विशेष पांडुलिपि प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने भारत की ऐतिहासिक स्मृति, संस्कृति, भाषा और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया।

शाह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए अपनी ऐतिहासिक स्मृति, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं की रक्षा करना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक जो देश अपनी इन परंपराओं को भूल जाता है, उसके लिए लंबे समय तक अपनी पहचान और अस्तित्व को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

अमित शाह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ का ऐलान

एशियाटिक सोसाइटी में अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने भारत के इतिहास और ज्ञान परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपनी स्मृति, इतिहास, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं की रक्षा नहीं करता, वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसके समाप्त होने में देर नहीं लगती।

इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपनी ऐतिहासिक स्मृति और ज्ञान परंपराओं को संभालकर रखता है, उसे लंबे समय तक गुलाम रहने के बावजूद पूरी तरह गुलाम नहीं बनाया जा सकता। शाह ने भारत को इसका उदाहरण बताया।

उनका कहना था कि भारत ने लंबे समय तक बाहरी चुनौतियों का सामना किया, लेकिन अपनी स्मृति, संस्कृति और ज्ञान की परंपरा को बचाए रखा। यही वजह है कि भारत की सभ्यतागत पहचान आज भी कायम है।

‘नालंदा का पुस्तकालय जला सकते हैं, ज्ञान नहीं मिटा सकते’

अमित शाह ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की चर्चा करते हुए नालंदा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसा ओजस्वी ज्ञान पैदा हुआ, जो पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम था।

उन्होंने कहा कि इस ज्ञान को समाप्त करने की कोशिशें जरूर हुईं, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका। शाह ने कहा कि नालंदा के पुस्तकालय को जलाया जा सकता है और वहां से लंबे समय तक धुआं उठ सकता है, लेकिन लोगों की स्मृति और श्रुति में बसे ज्ञान को मिटाना संभव नहीं है।

नालंदा का पुस्तकालय जला सकते हैं, ज्ञान नहीं

गृह मंत्री ने भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक और विशेषता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा में पराजय के समय धैर्य रखते हुए आगे बढ़ने और विजय के बाद भी समावेश की भावना रही है।

शाह के मुताबिक भारत ने जिन लोगों पर विजय प्राप्त की, उनकी स्मृतियों को नष्ट करने के बजाय उन्हें अपनी परंपरा से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की एक खास विशेषता बताया।एशियाटिक सोसाइटी में बदलाव की जरूरत पर भी अमित शाह ने बात रखी।

उन्होंने कहा कि ‘सच्चा ज्ञान कभी विचारधारा का बंधक नहीं होता।’ उनके अनुसार ज्ञान को किसी एक विचारधारा तक सीमित कर देने से उसके वास्तविक अर्थ बदल सकते हैं। ज्ञान को स्वतंत्र और मुक्त रहना चाहिए।

17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। शाह ने बताया कि इससे पहले गुजरात में और बाद में देशभर में बीजेपी की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाने की परंपरा रही है। कई जगहों पर इसे एक सप्ताह तक भी आयोजित किया जाता रहा है।

इस साल अभियान को विशेष उद्देश्य के साथ आयोजित करने की बात कही गई है। अमित शाह ने बताया कि एक लंबी संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यकाल अभी जारी है और देश में ऐसे बहुत कम नेता हैं, जिनका मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा का रिकॉर्ड रहा है।

सेवा और जनभागीदारी पर रहेगा जोर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के ऐलान के साथ ही बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर देशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित किए जाने की तैयारी है।

अमित शाह के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य सेवा और जनभागीदारी को आगे बढ़ाना है। वहीं मुंबई में दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय इतिहास, संस्कृति और ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस तरह अमित शाह के मुंबई दौरे में एक ओर भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश सामने आया, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े एक महीने लंबे ‘सेवा संकल्प अभियान’ की घोषणा हुई।

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button