दंतेवाड़ा में इसी सत्र से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज, 50 एमबीबीएस सीटों पर मिलेगा प्रवेश

दक्षिण बस्तर में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। दंतेवाड़ा में शासकीय मेडिकल कॉलेज की शुरुआत इसी शैक्षणिक सत्र से करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कॉलेज के संचालन को लेकर पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया। प्रथम चरण में एमबीबीएस की 50 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के निरीक्षण और मंजूरी के बाद कॉलेज का औपचारिक संचालन शुरू होगा।
करीब 366 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला मेडिकल कॉलेज 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। स्थायी भवन का निर्माण कार्य चितालंका में शुरू हो चुका है। फिलहाल बाउंड्री वॉल का निर्माण जारी है और कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
स्थायी भवन तैयार होने तक टेकनार मार्ग स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को अस्थायी मेडिकल कॉलेज परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाएं मेडिकल कॉलेज के मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। बस्तर संभाग के आयुक्त ने तैयारियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।
मेडिकल कॉलेज के प्रथम अधिष्ठाता (डीन) डॉ. टीकू सिन्हा की देखरेख में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला प्रशासन ने आवश्यक संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। राज्य सरकार की ओर से प्राध्यापकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, तकनीकी कर्मचारियों और लिपिकीय स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
पहले शैक्षणिक सत्र में 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश मिलेगा, जिससे बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के साथ ही दंतेवाड़ा जिला अस्पताल को शिक्षण अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

