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Chhattisgarh

डार्क वेब पर बिक रहा सरकारी पोर्टलों का डेटा, 10 डॉलर में उपलब्ध लॉगिन आईडी और पासवर्ड

देश में राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी पोर्टलों पर बड़े पैमाने पर साइबर हमलों का खतरा सामने आया है। साइबर अपराधी लाभार्थियों और सरकारी विभागों से जुड़ा संवेदनशील डेटा चोरी कर डार्क वेब पर बेच रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि सरकारी पोर्टलों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड महज 10 डॉलर (करीब 930 रुपए) में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पड़ताल में सामने आया कि डार्क वेब पर संचालित एक प्लेटफॉर्म पर देश के कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए मौजूद है। इनमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, बिहार, केरल, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन सहित कई संस्थानों से जुड़ी जानकारियां शामिल बताई गई हैं। दावा किया गया है कि साइबर अपराधी इसी डेटा का इस्तेमाल फर्जी पहचान, म्यूल अकाउंट और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी वारदातों में कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, हैकर चोरी किए गए यूजर अकाउंट, लॉगिन आईडी और पासवर्ड को डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचते हैं। इन जानकारियों को खरीदने के बाद दूसरे साइबर अपराधी सरकारी पोर्टलों में प्रवेश कर संवेदनशील डेटा तक पहुंचने, रिकॉर्ड में बदलाव करने और वित्तीय गड़बड़ी करने की कोशिश करते हैं। यदि किसी एडमिन या सुपर यूजर का अकाउंट उनके हाथ लग जाए तो वे नए यूजर बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकांश साइबर हमलों की शुरुआत फिशिंग ईमेल या फर्जी दस्तावेजों से होती है। विभागीय आदेश, वेतन पर्ची या सुरक्षा अपडेट के नाम पर भेजी गई संक्रमित फाइलें खोलते ही मालवेयर सिस्टम में सक्रिय हो जाता है और ब्राउजर में सेव पासवर्ड, लॉगिन क्रेडेंशियल, सेशन कुकी तथा अन्य संवेदनशील जानकारियां चुरा लेता है। इसके बाद हैकर इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर असली यूजर बनकर पोर्टल में प्रवेश करते हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र सरकार ने आधार आधारित योजनाओं वाले विभागों में फ्रॉड प्रोटेक्शन, फ्रॉड एनालिटिक्स और डेटाबेस एक्टिविटी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि कई राज्यों में अब तक आवश्यक सुरक्षा तंत्र पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है, जिससे डेटा लीक का खतरा बना हुआ है।

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि चोरी हुए सरकारी डेटा का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार करने, म्यूल अकाउंट खोलने और सरकारी योजनाओं की राशि को गलत खातों में ट्रांसफर करने जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकारी विभागों को साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने तथा नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता बताई गई है।

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Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

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