तिब्बत में बैरियर लेक टूटी, नेपाल में बाढ़ का खतरा बढ़ा; भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट

दिल्ली। तिब्बत में बनी एक बड़ी बैरियर लेक (बांधनुमा झील) के टूटने से नेपाल में बाढ़ (flood) का खतरा बढ़ गया है। झील टूटने की सूचना के बाद नेपाल प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत-बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इस स्थिति का असर भारत के महराजगंज और कुशीनगर के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पड़ने की आशंका जताई गई है।
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक, चीन के छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदियों के संगम पर बनी बड़ी झील (flood) टूट गई है। इसकी जानकारी नेपाली सेना ने प्रशासन को दी। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण समेत संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
सहायक सीडीओ ध्रुवप्रसाद अधिकारी ने भी चीनी अधिकारियों से संदेश मिलने के बाद झील (flood) टूटने की पुष्टि की है। इससे पहले चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बताया था कि दोनों नदियों के संगम पर बनी झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो गया था और पानी ओवरफ्लो होने लगा था।
तिब्बत से निकलने वाली छोचेन और पुरेपू नदियां नेपाल में भोटेकोशी के नाम से जानी जाती हैं। आगे चलकर भोटेकोशी त्रिशूली नदी की प्रमुख सहायक नदी बनती है। ऐसे में झील टूटने (flood) से निचले इलाकों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा है।
स्थिति को देखते हुए चीन ने शुक्रवार सुबह तिब्बत में चल रहा बचाव अभियान भी अस्थायी रूप से रोक दिया। नेपाल में निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सिंचाई विभाग और प्रशासन निगरानी बढ़ा रहे हैं।



