21 की उम्र में बनीं 2 बेटियों की मां, अक्षय कुमार से टूटी सगाई; ऐसी रही रवीना टंडन की जिंदगी

दिल्ली। 90 के दशक में बॉलीवुड में अपनी खूबसूरती, डांस और दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाली रवीना टंडन (Ravina) की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। कभी ‘मस्त-मस्त गर्ल’ के नाम से मशहूर हुईं, तो कभी अक्षय कुमार के साथ अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहीं।
लेकिन उनकी जिंदगी का सबसे खास फैसला वह था, जब महज 21 साल की उम्र में उन्होंने दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। उस वक्त उन्हें कहा गया कि ऐसा करने के बाद उनसे कोई शादी नहीं करेगा। हालांकि, रवीना ने लोगों की बातों की परवाह करने के बजाय अपने दिल की सुनी।
सलमान खान के साथ किया बॉलीवुड डेब्यू
रवीना टंडन ने साल 1991 में फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान नजर आए थे। पहली ही फिल्म से रवीना को पहचान मिली और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह मजबूत करती गईं।
साल 1994 रवीना के करियर के लिए खास साबित हुआ। फिल्म ‘मोहरा’ के गाने ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया। इस गाने के बाद उनकी पहचान ‘मस्त-मस्त गर्ल’ के तौर पर होने लगी। इसी साल वह ‘दिलवाले’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।
रवीना ने ग्लैमरस किरदारों के साथ कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। हालांकि, पर्दे पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही रवीना की निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए।
अक्षय कुमार से प्यार, लेकिन शादी तक नहीं पहुंचा रिश्ता
90 के दशक में रवीना टंडन (Ravina) और अक्षय कुमार की जोड़ी खूब चर्चा में रही। दोनों ने ‘मोहरा’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री पसंद की गई और धीरे-धीरे दोनों के निजी रिश्ते को लेकर भी चर्चाएं होने लगीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के रिश्ते ने गंभीर मोड़ लिया था और उनकी सगाई की खबरें भी सामने आई थीं। उस दौर में रवीना और अक्षय की शादी को लेकर काफी अटकलें लगाई जाती थीं। हालांकि, उनका रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका और दोनों अलग हो गए।
रिश्ते में आए इस बदलाव के बावजूद रवीना ने अपनी जिंदगी को एक ब्रेकअप तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपने करियर पर ध्यान दिया और निजी जिंदगी में भी ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने उनकी पहचान को एक नई दिशा दी।
21 साल की उम्र में दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाई
रवीना टंडन की जिंदगी का सबसे भावुक और अहम फैसला साल 1995 में सामने आया। उस समय उनकी उम्र महज 21 साल थी और उनका फिल्मी करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान उन्होंने पूजा और छाया नाम की दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया।
ये दोनों बच्चियां उनके रिश्तेदार की बेटियां थीं। मां के निधन के बाद उनकी परवरिश की स्थिति को देखकर रवीना भावुक हो गईं। उन्होंने दोनों बच्चियों को अपना कानूनी अभिभावक बनाने और उनकी देखभाल करने का निर्णय लिया।
रवीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके इस फैसले पर कई लोगों ने सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना था कि दो बच्चियों की जिम्मेदारी लेने के बाद उनसे कोई शादी नहीं करेगा। उस समय फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर के शुरुआती दौर में इस तरह की जिम्मेदारी उठाना उनके लिए एक बड़ा फैसला था।
लेकिन रवीना का नजरिया अलग था। उनका मानना था कि अगर कोई व्यक्ति उनसे सच्चा प्यार करेगा, तो वह उनकी बेटियों को भी अपनाएगा। उन्होंने लोगों की आशंकाओं के बजाय बच्चियों के भविष्य को प्राथमिकता दी। पूजा और छाया की परवरिश में उनकी भूमिका ने उन्हें एक अलग पहचान दी, जो फिल्मों में निभाए गए किरदारों से कहीं आगे थी।
अनिल थडानी से मुलाकात, फिर शादी
अक्षय कुमार से अलग होने के बाद रवीना की जिंदगी में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थडानी आए। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘स्टंप्ड’ के दौरान हुई। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता शादी तक पहुंचा।
नवंबर 2003 में रवीना और अनिल की सगाई हुई। इसके बाद 22 फरवरी 2004 को दोनों ने उदयपुर में शादी कर ली। रवीना के लिए यह जिंदगी का नया अध्याय था, जिसमें परिवार उनकी प्राथमिकताओं का अहम हिस्सा बन गया।
शादी के बाद रवीना और अनिल के घर बेटी राशा और बेटे रणबीरवर्धन का जन्म हुआ। इस तरह उनका परिवार चार बच्चों के साथ पूरा हुआ। रवीना पूजा और छाया को भी अपने परिवार का अभिन्न हिस्सा मानती हैं। उनके लिए मां होने का रिश्ता केवल जन्म से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, प्यार और साथ निभाने से भी जुड़ा रहा है।
‘मस्त-मस्त गर्ल’ से नेशनल अवॉर्ड विजेता तक
रवीना टंडन ने अपने करियर में यह साबित किया कि उनकी पहचान सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं और लोकप्रिय गानों तक सीमित नहीं है। साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘दमन’ में उन्होंने घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिला का किरदार निभाया। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
इसके अलावा ‘शूल’, ‘अक्स’ और ‘सत्ता’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। इन फिल्मों ने उनकी अभिनय क्षमता के दूसरे पहलुओं को सामने रखा। रवीना ने समय के साथ अपने किरदारों में बदलाव किया और गंभीर विषयों पर आधारित कहानियों में भी काम किया।
कुछ समय तक फिल्मों से दूरी बनाने के बाद उन्होंने फिर वापसी की। वेब सीरीज ‘अरण्यक’ में उनके अभिनय को पसंद किया गया, वहीं ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में भी वह अहम भूमिका में नजर आईं।
रवीना टंडन (Ravina) की कहानी सिर्फ सफलता, प्यार और ब्रेकअप की कहानी नहीं है। यह अपने फैसलों पर भरोसा करने और सामाजिक धारणाओं से आगे बढ़ने की भी कहानी है। 21 साल की उम्र में दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने से लेकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने तक, उन्होंने अपनी जिंदगी में कई ऐसे मोड़ देखे, जिन्होंने उन्हें एक अभिनेत्री के साथ-साथ एक मजबूत व्यक्तित्व के रूप में भी पहचान दिलाई।



