मध्य प्रदेश बीजेपी की नई टीम पर सियासी घमासान, वीडी शर्मा ने सराहा तो कांग्रेस ने साधा निशाना

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर खजुराहो सांसद और नवनियुक्त राष्ट्रीय प्रकोष्ठ-संकुल संयोजक विष्णुदत्त शर्मा ने नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताया है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा की नई कार्यकारिणी पर सवाल उठाते हुए इसे महिला विरोधी और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करने वाली बताया है।
वीडी शर्मा बोले- संगठन को मिलेगी नई दिशा
राष्ट्रीय प्रकोष्ठ-संकुल संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद वीडी शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश के जिन नेताओं को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है, उन्हें वह बधाई देते हैं।
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उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के नेतृत्व में बनी नई टीम सक्षम, अनुभवी और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले नेताओं से सुसज्जित है। वीडी शर्मा के मुताबिक, पार्टी ने पहली बार प्रकोष्ठों और संकुलों को राष्ट्रीय स्तर पर एक नए ढांचे में संगठित करने का प्रयोग किया है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रकोष्ठों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संगठन के काम को देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा। वीडी शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में भी इस तरह का प्रयोग किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था भाजपा के संगठन को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कांग्रेस ने उठाए वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा पर सवाल
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस संगठन महासचिव संजय कामले और वरिष्ठ प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने भाजपा पर वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता इंतजार करते रह गए, जबकि पार्टी ने कई ऐसे चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दे दीं, जिन्हें प्रदेश की राजनीति में ज्यादा प्रमुखता नहीं मिली है।
महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पूरी कार्यकारिणी में सिर्फ 12 महिलाओं को जगह दी गई है, जो भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिन महिला नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें वास्तविक रूप से काम करने की पर्याप्त स्वतंत्रता और अधिकार नहीं मिलेगा। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद मध्य प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।



