शादी के 3 दिन बाद ससुराल पहुंची दुल्हन, धर्म परिवर्तन और दहेज प्रताड़ना के आरोप; FIR दर्ज

दिल्ली। पंजाब के लुधियाना में शादी के बाद एक युवती ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर (FIR) आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि उसके पति ने शादी से पहले अपनी पहचान जटसिख के रूप में बताई थी, लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। उसने जबरन धर्म परिवर्तन कराने, दहेज मांगने, मारपीट करने और अनुचित तरीके से छूने के आरोप भी लगाए हैं।
पीड़िता कृतिका वर्मा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आरोपियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
Instagram पर हुई मुलाकात, फिर शादी का फैसला
कृतिका वर्मा के मुताबिक, उसकी मुलाकात करणवीर सिद्धू से Instagram के जरिए हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे रिश्ता आगे बढ़ा। इसके बाद दोनों ने शादी (FIR) करने का फैसला किया।
कृतिका के पिता विपन कुमार वर्मा ने भी अपनी शिकायत में बताया कि करणवीर ने अपना नाम करणवीर सिंह सिद्धू बताया था और खुद को जटसिख बताया था। परिवार के बारे में जानकारी लेने के बाद दोनों का रिश्ता तय हुआ।
शिकायत के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को लुधियाना के संत विहार स्थित शनि शिव मंदिर में दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई। इसके तीन दिन बाद, 5 सितंबर को कृतिका की विदाई हुई और वह अपने ससुराल पहुंची। युवती का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद उसे ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनकी उसने शादी से पहले कल्पना नहीं की थी।
ससुराल में चर्च जैसा हॉल देखकर हैरान हुई दुल्हन
कृतिका ने आरोप लगाया कि ससुराल पहुंचने पर उसने घर में एक बड़ा हॉल देखा, जिसे उसने चर्च के रूप में बताया। युवती के मुताबिक, उसके ससुर ने शादी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद ही इस रिश्ते को मान्यता दी जाएगी।
पीड़िता का दावा है कि इसके बाद उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। उसने आरोप लगाया कि रात के समय उसे घर की तीसरी मंजिल पर बने स्विमिंग पूल में ले जाया गया। वहां पानी में डुबकी लगवाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया।
कृतिका ने इस दौरान अनुचित तरीके से छूने और पूरी घटना का वीडियो बनाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच कर रही है।
विरोध करने पर पिता के साथ मारपीट का आरोप
कृतिका के मुताबिक, ससुराल में हुए घटनाक्रम की जानकारी उसने अपने मायके वालों को दी। इसके बाद उसके पिता विपन कुमार वर्मा ने कथित तौर पर इस मामले का विरोध किया।
युवती ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके मायके वालों के साथ मारपीट की। इस घटना में उसके पिता को गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कृतिका ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उससे दहेज की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह लुधियाना के हैबोवाल इलाके के जोगिंदर नगर में किराये के मकान में रहने लगी।
पीड़िता का दावा है कि घर से अलग रहने के बाद भी उसे परेशान किया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके पति ने एक बार रास्ते में रोककर उसे परेशान किया। इन घटनाओं को लेकर भी पुलिस शिकायत में जानकारी दी गई है।
पति के टैटू और दूसरी लड़की से संबंध का दावा
कृतिका ने अपने पति को लेकर एक और दावा किया है। उसके मुताबिक, करणवीर की छाती पर ‘नन्नू’ नाम का टैटू बना हुआ था। इसके साथ 16 अक्टूबर 2021 की तारीख भी लिखी थी।
युवती का आरोप है कि उसके पति ने दूसरी लड़की के साथ संबंध होने की बात भी स्वीकार की थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी में इस कथित संबंध से जुड़ा कोई अलग कानूनी निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
कृतिका ने अपनी शिकायत में यह आरोप भी लगाया कि उसके पति ने परिवार को उसका धर्म परिवर्तन कराने के लिए ईसाई मिशनरी से कथित तौर पर साढ़े पांच लाख रुपये मिलने की बात कही थी। यह आरोप भी फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस की ओर से इस दावे की पुष्टि करने वाली कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
पिता की शिकायत पर FIR, आरोपियों की तलाश
कृतिका के पिता विपन कुमार वर्मा की शिकायत (FIR) के आधार पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अधिकारी जसवीर सिंह के मुताबिक, मामले में कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मामले में कथित धर्म परिवर्तन, दहेज प्रताड़ना, मारपीट और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। आरोपियों की गिरफ्तारी, उनका पक्ष और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



