महाकाल की नगरी को मिलेगी हवाई उड़ान: उज्जैन में 135 हेक्टेयर में बनेगा एयरपोर्ट, 18 सितंबर को होगी जनसुनवाई

उज्जैन। उज्जैन में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ गया है। एयरपोर्ट परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थानीय लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई आयोजित करेगा। इस प्रक्रिया के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
प्रस्तावित एयरपोर्ट 135.97 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसकी यात्री क्षमता पीक ऑवर्स में 450 यात्रियों की होगी। एयरपोर्ट के लिए उज्जैन तहसील के दताना और नरवर गांव की जमीन का चयन किया गया है। परियोजना को लेकर 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे ग्राम नरवर में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
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आपत्तियां और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय नागरिक एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सुझाव, आपत्तियां और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा लोग अपनी लिखित आपत्तियां भी मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
विमानन विभाग के अनुसार, इस परियोजना के तहत 147.36 करोड़ रुपये की लागत से वर्तमान दताना-मताना हवाई पट्टी का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। पुराने और जर्जर रनवे को हटाकर 13/31 श्रेणी का नया रनवे बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 1800 मीटर होगी, जिससे एटीआर-72 जैसे व्यावसायिक विमानों का संचालन संभव हो सकेगा।
उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल
उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है और यहां स्थित महाकाल मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए इंदौर एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। नए एयरपोर्ट के निर्माण के बाद महाकाल नगरी की देश के अन्य शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक विकास का भी नया आधार मिल सकता है।



