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ओडिशा में जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर विवाद, कलिंग सेना ने ISKCON को दी चेतावनी

ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर विवाद गहरा गया है। कलिंग सेना नाम के एक संगठन ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) पर धार्मिक परंपराओं से भटकने का आरोप लगाते हुए उसे रथ यात्रा से दूर रहने और ओडिशा छोड़ने की चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि ISKCON शास्त्रों में निर्धारित तिथि से अलग समय पर रथ यात्रा निकाल रहा है, जो परंपराओं के विरुद्ध है।

पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव की अपील के बावजूद ISKCON द्वारा विदेशों में अलग-अलग तिथियों पर रथ यात्रा आयोजित किए जाने के विरोध में कलिंग सेना ने भुवनेश्वर स्थित ISKCON मंदिर के बाहर प्रदर्शन भी किया। संगठन ने ISKCON पर गजपति महाराजा का अपमान करने का आरोप लगाया है, जिन्हें भगवान जगन्नाथ का प्रथम सेवक माना जाता है।

क्या है कलिंग सेना?

कलिंग सेना ओडिशा का एक क्षेत्रीय सामाजिक और राजनीतिक संगठन है। यह खुद को ओड़िया अस्मिता, भगवान जगन्नाथ की परंपराओं और राज्य की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए काम करने वाला संगठन बताता है। संगठन ओड़िया भाषा, संस्कृति और राज्य के संसाधनों पर स्थानीय अधिकार की भी वकालत करता है।

कब हुई थी स्थापना?

कलिंग सेना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसकी स्थापना 7 नवंबर 2001 को हेमंत रथ ने भुवनेश्वर में की थी। इसका उद्देश्य कलिंग के इतिहास, संस्कृति और गौरव के प्रति लोगों को जागरूक करना था। वर्तमान में भी हेमंत रथ ही संगठन के अध्यक्ष हैं।

चुनावों में भी आजमा चुका है किस्मत

कलिंग सेना 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत कई चुनाव लड़ चुकी है। हालांकि, अब तक उसे किसी भी चुनाव में सफलता नहीं मिली है।

ISKCON से विवाद की वजह

विवाद की मुख्य वजह जगन्नाथ रथ यात्रा की तिथि है। पुरी श्रीमंदिर प्रशासन का कहना है कि शास्त्रों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को ही निकाली जानी चाहिए। इस वर्ष पुरी में मुख्य रथ यात्रा 16 जुलाई को आयोजित होनी है।

मंदिर प्रशासन का आरोप है कि ISKCON ने अमेरिका, लंदन, सिडनी समेत कई देशों में निर्धारित तिथि से पहले ही रथ यात्रा निकाल दी, जिससे पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का उल्लंघन हुआ है।

वहीं, ISKCON का कहना है कि भगवान जगन्नाथ पूरी दुनिया के हैं और विदेशों में स्थानीय परिस्थितियों, मौसम और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर रथ यात्रा की तिथि तय की जाती है।

कलिंग सेना की चेतावनी

कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ ने कहा है कि 16 जुलाई को होने वाली रथ यात्रा के दौरान ISKCON के श्रद्धालुओं को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ISKCON ने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो संगठन पूरे ओडिशा में उसके कार्यक्रमों का विरोध करेगा।

हेमंत रथ ने आरोप लगाया कि ISKCON भगवान जगन्नाथ की परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संस्था दुनिया भर में निर्धारित तिथि से अलग समय पर रथ यात्रा निकालना बंद नहीं करती, तो ओडिशा में उसके मंदिरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।

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