रायपुर में बोले देवकीनंदन ठाकुर: ‘सनातन बोर्ड’ बने, धर्माचार्यों को मिले 50 सीटें,
Live-in Relationship पर भी रखी बेबाक राय

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रख्यात कथावाचक एवं आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन धर्म, शिक्षा, संस्कृति, राजनीति और सामाजिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने देश में ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की जरूरत बताते हुए संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप, संस्कार आधारित शिक्षा और धर्मांतरण जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखी।
‘सनातन बोर्ड‘ बनाने की उठाई मांग
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देश में मंदिरों, गुरुकुलों और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि सनातन बोर्ड बनने से मंदिरों का बेहतर प्रबंधन होगा और उनकी आय का उपयोग शिक्षा, गौ संरक्षण और समाजहित के कार्यों में प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
संसद–विधानसभा में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने का सुझाव
राजनीति पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए, जो नैतिक मूल्यों और धर्माचरण का पालन करते हों। इसी सोच के साथ उन्होंने संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे देश में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
‘बच्चों को सिर्फ फिल्मी गाने नहीं, गीता और महाभारत भी पढ़ाइए‘
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज के युवाओं को भारतीय संस्कृति, गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी आधार होनी चाहिए। बच्चों को सावित्री, माता सीता और रानी लक्ष्मीबाई जैसे प्रेरणादायी चरित्रों के बारे में भी पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि उनमें अच्छे संस्कार विकसित हो सकें।
Live-in Relationship और धर्मांतरण पर भी रखी राय
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारतीय सामाजिक व्यवस्था और पारिवारिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। वहीं धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सनातन धर्म कभी किसी पर धर्म बदलने का दबाव नहीं बनाता, लेकिन विभिन्न माध्यमों से हो रहे धर्मांतरण पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
राम मंदिर को लेकर भी दिया बयान
राम मंदिर से जुड़े सवाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन को लेकर उनका व्यक्तिगत मानना है कि भविष्य में इस विषय पर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, उन्होंने इसे अपना निजी मत बताया।
रायपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में हुई इस बातचीत के दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार और श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

