रेलवे के नए नियमों से RPF और TTE के अधिकार पहले से ज्यादा बढ़े
जुर्माना बढ़ाया, अब न्यूनतम फाइन ₹500 से होगा शुरू

रायपुर | अगर आप छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, चांपा, कोरबा, अंबिकापुर या राज्य के किसी भी रेलवे(Railway) स्टेशन से नियमित यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा और अनुशासन को मजबूत बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत अब रेलवे परिसर या ट्रेन में नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर लंबी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं होगा। कई मामलों में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट जांच स्टाफ (TTE) मौके पर ही कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूल सकेंगे।
नई व्यवस्था जन विश्वास अधिनियम के तहत लागू की गई है। इसका उद्देश्य छोटे-छोटे रेलवे(Railway) अपराधों का त्वरित निपटारा करना, अदालतों पर बोझ कम करना और यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं अनुशासित माहौल तैयार करना है। पहले ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने, मामला तैयार करने और आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने जैसी लंबी प्रक्रिया अपनाई जाती थी, लेकिन अब कई उल्लंघनों का निपटारा मौके पर ही किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था के तहत ASI रैंक और उससे ऊपर के RPF अधिकारियों को कई मामलों में सीधे जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। वहीं टिकट जांच करने वाले TTE भी अब केवल टिकट देखने तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें भी रेलवे परिसर और ट्रेनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा। इससे रेलवे स्टेशनों पर अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किन मामलों में लगेगा जुर्माना?
नए नियमों के अनुसार रेलवे(Railway) परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करना, रेलवे ट्रैक पार करना, अवैध रूप से सामान बेचना, महिला या दिव्यांग कोच में नियमों के विपरीत यात्रा करना, स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना, गंदगी फैलाना, अवैध पार्किंग करना या प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ यात्रा करना महंगा पड़ सकता है। ऐसे मामलों में उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
रेल मंत्रालय ने नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को भी ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है। सरकार का मानना है कि अधिक जुर्माने और त्वरित कार्रवाई से लोग नियमों का पालन करने के लिए अधिक जागरूक होंगे। इससे रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में स्वच्छता, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा में सुधार आएगा।
छत्तीसगढ़ के यात्रियों पर भी होगा सीधा असर
ये नियम केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देशभर की तरह छत्तीसगढ़ के सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी लागू होंगे। इसका सीधा असर रायपुर रेल मंडल और बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों को यात्रा के दौरान रेलवे के सभी नियमों का पालन करना होगा, क्योंकि अब छोटी सी लापरवाही भी तत्काल आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
रेलवे का उद्देश्य क्या है?
रेल मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि रेलवे परिसरों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। लंबे समय से रेलवे स्टेशनों पर अवैध प्रवेश, ट्रैक पार करने, गंदगी फैलाने और नियमों के उल्लंघन जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। अब मौके पर कार्रवाई की व्यवस्था होने से ऐसे मामलों में तेजी आएगी और नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकेगा।
रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब सबसे जरूरी बात यही है कि वे यात्रा के दौरान सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। क्योंकि अब नियम तोड़ने पर चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे जुर्माने की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

