सिंधु जल समझौते पर शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी, बोले- पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद रेड लाइन

इस्लामाबाद। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को रोकने के फैसले के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को धमकी भरे अंदाज में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसके लिए रेड लाइन है और अगर भारत ने उसके जल अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की तो पाकिस्तान इसका कड़ा जवाब देगा।
13 अगस्त को इस्लामाबाद में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
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भारत-पाकिस्तान संघर्ष का भी किया जिक्र
शहबाज शरीफ ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत को हराया था। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में दोनों देशों के बीच फिर टकराव हुआ तो पाकिस्तान और भी कड़ा जवाब देगा। अपने संबोधन में उन्होंने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और इसे भारत के साथ व्यापक विवाद का हिस्सा बताया।
ट्रंप को फिर दिया युद्धविराम के लिए धन्यवाद
शरीफ ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व और सक्रिय भूमिका के लिए धन्यवाद दिया।
हालांकि, भारत लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि युद्धविराम किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से हुआ था। भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच सीधे हुई बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति बनी थी।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने रोका सिंधु जल समझौता
दरअसल, अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से रोकने का फैसला किया था। पाकिस्तान इसके बाद से लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है और समझौते को लागू करने की मांग करता रहा है।
क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था। विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के पानी का बंटवारा किया गया। रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत का मुख्य अधिकार है, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब के पानी का मुख्य उपयोग पाकिस्तान के लिए निर्धारित किया गया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं और सिंधु जल समझौते को लेकर भी अपना रुख सख्त किया है।



