सना एयरपोर्ट पर हमले से बढ़ा तनाव, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर लगाए गंभीर आरोप

सना। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब यमन में भी हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब की वायुसेना ने राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई हवाई हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सऊदी अरब ने सना एयरपोर्ट को निशाना बनाकर कई हमले किए हैं और इसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा और इसे बिना कार्रवाई के नहीं छोड़ा जाएगा।
यमन सरकार ने दी अलग दलील
वहीं, सऊदी समर्थित यमन सरकार का कहना है कि एयरपोर्ट के रनवे को इसलिए निशाना बनाया गया ताकि ईरान के एक विमान को वहां उतरने से रोका जा सके। सरकार का आरोप है कि हूती विद्रोही ईरानी विमान को यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर राजधानी में उतारने का प्रयास कर रहे थे।
हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है सना
यमन की राजधानी सना पर फिलहाल ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का कब्जा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार अदन से संचालन करती है और उसे सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों का समर्थन प्राप्त है।
बदले की चेतावनी
हूती विद्रोहियों ने हमले का बदला लेने की कसम खाते हुए दावा किया कि सऊदी लड़ाकू विमान यमन के हवाई क्षेत्र में घुस आए और एक ईरानी विमान को रोकने की कोशिश की, जिसमें 200 से अधिक घायल, बीमार और फंसे हुए यमनी नागरिक सवार थे।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में यमन में संघर्ष कुछ हद तक शांत हुआ था, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में फिर से बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, तनाव कम करने की कोशिशों को भी इस घटना से बड़ा झटका लगा है।
एयरपोर्ट बंद, मानवीय संकट गहराया
हमलों के बाद सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे दवाइयों, खाद्य सामग्री और राहत सहायता की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। यमन पहले ही दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है, जहां लाखों लोग भूख और बीमारी से जूझ रहे हैं।

