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अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव, दोनों देशों ने दी बड़े जवाबी हमले की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य घटनाओं के बाद तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि यदि ईरान दोबारा हमला करता है तो अमेरिका भी उसी तरह जवाब देगा। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब पहले से अधिक व्यापक और सख्त होगा।

जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा कि यदि समझौते को लेकर ईरान को कोई शिकायत है तो वह बातचीत के जरिए समाधान निकाल सकता है, लेकिन यदि वह हिंसा का रास्ता अपनाता है तो अमेरिका भी उसी प्रकार जवाब देगा। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी।

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया। संगठन ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि दोबारा हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी अमेरिकी कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया और कहा कि इससे बातचीत और समझौते के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हालिया अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य उत्पादन क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट लॉन्चर क्षमता में भारी गिरावट आई है तथा कई शीर्ष सैन्य नेता भी मारे गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न कर सके।

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