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सरकार ने मानी छात्रों की लगभग हर मांग, CGL परीक्षा रद्द करने पर अटका मामला

झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। इस बीच ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर लगातार बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर जिन मांगों को पूरा करना संभव था, उनमें से लगभग सभी को मान लिया गया है। हालांकि, CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर मामला अभी अटका हुआ है।

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी, सरकार से बातचीत

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करती है। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं और प्रशासन को बल प्रयोग नहीं करने को कहा गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि बातचीत के जरिए पूरे मामले का समाधान निकाला जाए।

चार दिनों से छात्रों के साथ बातचीत

मंत्री ने सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत नहीं होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से छात्रों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और कई घंटों तक उनकी मांगों पर चर्चा हुई है।

दीपिका पांडेय सिंह के मुताबिक, राज्य सरकार के स्तर पर जिन मांगों को पूरा करना संभव था, उन्हें स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, छात्र CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर नहीं बनी सहमति

मंत्री ने कहा कि CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का मामला कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को संवैधानिक अधिकारों और तय कानूनी दिशानिर्देशों के तहत ही फैसला लेना होगा।

उनका कहना है कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है, लेकिन परीक्षा रद्द करने का फैसला केवल सरकार के स्तर पर नहीं लिया जा सकता।

जांच के लिए ED को भी शामिल होने का न्योता

मंत्री ने भर्ती परीक्षा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा खुला रखा गया है और सरकार न्यायिक निगरानी में जांच कराने के लिए तैयार है।

इसके अलावा वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी जांच में शामिल होने का न्योता दिए जाने की बात कही गई है।

भर्ती परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी

सरकार अब भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार की भी तैयारी कर रही है। मंत्री ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए IIM, IIT, XLRI और ISM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

इसके लिए एक कमेटी बनाने की तैयारी की जा रही है, जो परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों पर सुझाव देगी।

सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर किसी तरह की अनियमितता या संदेह की स्थिति पैदा न हो।

फिलहाल JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। सरकार का कहना है कि वह बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, जबकि छात्रों की मुख्य मांग CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है।

 

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