थिएटर की दिग्गज विजया मेहता का 91 वर्ष की उम्र में निधन, अनुपम खेर बोले- हमने एक महान गुरु को खो दिया

दिल्ली। भारतीय रंगमंच की दिग्गज हस्ती और मशहूर मराठी थिएटर अभिनेत्री-निर्देशक विजया मेहता (Vijaya Mehta) का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं और 30 जून की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से थिएटर और फिल्म जगत में शोक की लहर है। विजया मेहता को भारतीय रंगमंच की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में गिना जाता था, जिन्होंने कई पीढ़ियों के कलाकारों को अभिनय और निर्देशन की बारीकियां सिखाईं।
स्टेज (Vijaya Mehta) के साथ-साथ उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी चर्चित फिल्मों में राव साहेब, पेस्टनजी और शाकुंतलम शामिल हैं। वहीं टीवी धारावाहिक स्मृतिचित्रे के जरिए भी उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। एक शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में भी उन्होंने अनेक कलाकारों को प्रशिक्षित किया।
अभिनेता अनुपम खेर ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि विजया मेहता भारत की महान थिएटर हस्तियों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि राव साहब और पेस्टोनजी में उनके साथ काम करने का अवसर उनके जीवन का यादगार अनुभव रहा। अनुपम खेर ने कहा कि हर रिहर्सल उन्हें यह अहसास कराती थी कि अभिनय केवल संवाद बोलना नहीं, बल्कि जीवन को गहराई से समझने की कला है।
विजया मेहता (Vijaya Mehta) को रंगमंच और सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें 1975 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा फिल्म राव साहब में शानदार अभिनय के लिए उन्हें 1986 में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलाभी मिला। उनके निधन से भारतीय रंगमंच ने अपनी एक ऐसी हस्ती को खो दिया है, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी।

