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योजनाएं तो कई बनीं, फिर भी क्यों पीछे रह गईं बेटियां?

छत्तीसगढ़ के शिक्षा आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

रायपुर- छत्तीसगढ़ में बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। साइकिल योजना से लेकर छात्रवृत्ति और मुफ्त शिक्षा जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। लेकिन इसके बावजूद लड़कियों की शिक्षा को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।

नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली हकीकत

नीति आयोग की मई 2026 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में लड़कियों का स्कूलों में नामांकन लगातार घट रहा है। खासकर जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर बढ़ता है, वैसे-वैसे बड़ी संख्या में बेटियां पढ़ाई छोड़ती नजर आ रही हैं।

रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2014-15 में प्राइमरी स्तर पर लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 106.61 प्रतिशत था, जो 2024-25 में घटकर 89.9 प्रतिशत रह गया है। यानी दस साल में नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

हायर सेकेंडरी तक पहुंचते-पहुंचते कम हो जाती है संख्या

सबसे ज्यादा चिंता हायर सेकेंडरी स्तर को लेकर जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल है जहां बड़ी संख्या में लड़कियां 10वीं और 12वीं तक पहुंचने से पहले ही पढ़ाई छोड़ रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक समस्याएं, दूर-दराज क्षेत्रों में स्कूलों की कमी, परिवहन की दिक्कत, जल्दी शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियां इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

दूसरे राज्यों से पीछे छत्तीसगढ़

जहां चंडीगढ़, गोवा, पुडुचेरी, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति बेहतर दिखाई देती है, वहीं छत्तीसगढ़ अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है।

हाईस्कूल स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का नामांकन अनुपात 89.9 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो सुधार की जरूरत को साफ दिखाता है।

सिर्फ योजनाएं नहीं, जमीनी काम की जरूरत

आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि केवल योजनाएं शुरू कर देना ही काफी नहीं है। असली चुनौती यह है कि बेटियां स्कूल में दाखिला लेने के बाद पढ़ाई पूरी भी कर सकें।

अब जरूरत है कि सरकार, समाज और परिवार मिलकर ऐसे कदम उठाएं जिससे बेटियां बीच में पढ़ाई न छोड़ें और उच्च शिक्षा तक पहुंच सकें।

बड़ा सवाल

जब बेटियों की शिक्षा के लिए लगातार योजनाएं चलाई जा रही हैं, तो फिर स्कूलों से उनका नामांकन क्यों घट रहा है? आखिर ऐसी कौन-सी बाधाएं हैं जो बेटियों को शिक्षा से दूर कर रही हैं? यही सवाल अब छत्तीसगढ़ के शिक्षा तंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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