डिज्नी में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी, मैनेजर्स को खर्च 20% घटाने का लक्ष्य

दुनिया की दिग्गज मनोरंजन कंपनी डिज्नी अपने सालाना खर्च में 20 फीसदी तक कटौती करने की योजना बना रही है। इस फैसले से कंपनी के विभिन्न विभागों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक छंटनी की संख्या या इसकी तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मैनेजर्स को मिला खर्च घटाने का लक्ष्य
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिज्नी ने कुछ मैनेजर्स को अपने विभागों के सालाना बजट में 20 फीसदी तक कटौती करने के तरीके तलाशने के निर्देश दिए हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने के साथ दूसरे ऑपरेशनल खर्चों में भी कटौती की जा सकती है।
हालांकि, बजट में कटौती का असर कंपनी के सभी कारोबारों पर एक जैसा नहीं होगा। थीम पार्क, टीवी नेटवर्क और फिल्म स्टूडियो सहित अलग-अलग क्षेत्रों के कुछ विभागों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है।
नई टेक्नोलॉजी और कारोबार में निवेश की योजना
कंपनी का उद्देश्य केवल खर्च कम करना नहीं, बल्कि बचाई गई रकम को भविष्य में बेहतर संभावनाओं वाले कारोबारों में लगाना भी है। इसके तहत फिल्म और टीवी प्रोग्रामिंग, नई टेक्नोलॉजी, थीम पार्क के विस्तार और क्रूज शिप कारोबार में निवेश किया जा सकता है।
डिज्नी ने चालू वित्त वर्ष में अपने एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में दोहरे अंकों की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। इसी वजह से कंपनी खर्चों पर नियंत्रण को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।
पूरे एंटरटेनमेंट सेक्टर पर छंटनी का दबाव
मनोरंजन उद्योग में खर्च घटाने और कर्मचारियों की संख्या कम करने का दबाव केवल डिज्नी तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में नेटफ्लिक्स, सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट, पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स जैसी बड़ी कंपनियां भी छंटनी कर चुकी हैं।
इसकी प्रमुख वजह पारंपरिक टेलीविजन से होने वाली कमाई में लगातार गिरावट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर नए सब्सक्राइबर्स की धीमी होती वृद्धि है। दर्शक तेजी से सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, अमेजन और एप्पल जैसी टेक कंपनियों के स्ट्रीमिंग बाजार में उतरने से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है।
बदलते कारोबारी माहौल में मनोरंजन कंपनियां अपनी लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रही हैं। इसी रणनीति के तहत डिज्नी भी बड़े स्तर पर खर्चों में कटौती की तैयारी कर रही है।



