NEET पेपर लीक केस में CBI का बड़ा खुलासा: आरोपी के फोन में मिले 111 हूबहू सवाल, पेपर-सेटर को दिए थे 5 लाख रुपए

मुंबई। NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पेशल कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, लातूर के एक कोचिंग सेंटर संचालक ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पेपर-सेटर पैनल में शामिल एक व्यक्ति को 5 लाख रुपए का भुगतान किया था।
सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपी के मोबाइल फोन से बरामद 132 हस्तलिखित प्रश्नों में से 111 सवाल परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं।
सीबीआई के अनुसार, लातूर स्थित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अपने बेटे का दाखिला पेपर-सेटर पी.वी. कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में कराया था।
आरोप है कि इसी माध्यम से परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न उपलब्ध कराए गए और इसके बदले 5 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से 36 तस्वीरें बरामद हुईं, जिनमें कुल 132 हस्तलिखित प्रश्न दर्ज थे।
मेटाडेटा विश्लेषण से पता चला कि ये तस्वीरें 3 मई को हुई परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ली गई थीं। इनमें से 111 प्रश्न NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।
भुगतान से जुड़ी राशि भी सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे की निशानदेही पर बरामद की गई है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

