होर्मुज में 21 भारतीय नाविकों वाले जहाज पर हमला; ईरानी नौकाओं ने घेरा, सामने आया VIDEO

नई दिल्ली। वैश्विक समुद्री कार्यबल में 12.2 प्रतिशत की भारी हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय नाविक पर गंभीर संकट खड़ा हो गया हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज (Hormuz) को युद्ध क्षेत्र में बदलने के बाद से भारतीय मर्चेंट नेवी इस भू-राजनीतिक संघर्ष की सीधी चपेट में आ गए हैं।
क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें पनामा के झंडे वाले कंटेनर जहाज को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं से घिरा दिखाया गया है। इस जहाज पर 21 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हालांकि, भारत के नौवहन मंत्रालय के मुताबिक सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बच गए थे।
रॉकेट से हमला, जान बचाने छिपे नाविक
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (Hormuz) की ओर से जारी वीडियो अप्रैल का बताया जा रहा है। फुटेज में ईरानी नौकाओं को कंटेनर जहाज के आसपास देखा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे गए। हमले के बीच भारतीय नाविकों ने अपनी जान बचाने के लिए जहाज के अंदर शरण ली।
संयुक्त राष्ट्र की जून में जारी रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम 15 नाविकों की मौत हुई है। इनमें भारतीय नाविक भी शामिल बताए गए हैं।
होर्मुज क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजार तक तेल और एलएनजी पहुंचाने में इसकी अहम भूमिका है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने से समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
भारत ने भारतीय नाविकों की तैनाती पर लगाई रोक
क्षेत्र में बढ़ते खतरे (Hormuz) को देखते हुए भारत सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जहाजरानी महानिदेशालय ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजरों और भर्ती कंपनियों को निर्देश दिया है कि भारतीय नाविकों को ऐसे जहाजों पर तैनात न किया जाए, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना हो।
जहाजों के कप्तानों को फारस की खाड़ी, होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा लगातार नेविगेशन चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है। भारत सरकार का फोकस फिलहाल संघर्ष क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।



