चार्ज लेते ही एक्शन मोड में कलेक्टर तुलिका प्रजापति, अधिकारियों को दी टीम भावना की नसीहत

कवर्धा। कबीरधाम जिले की नवपदस्थ कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पदभार ग्रहण कर जिले की प्रशासनिक कमान संभाल ली है। 2016 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी तुलिका प्रजापति कबीरधाम जिले की 21वीं कलेक्टर हैं। पदभार संभालते ही वे एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने जिला कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों से विभागीय कामकाज की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने जिला कार्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय की विभिन्न शाखाओं और विभागीय कक्षों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों में चल रहे कामकाज, योजनाओं और कार्यालयीन व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि विभागीय स्तर पर कौन-कौन से काम चल रहे हैं और किन मामलों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने कार्यालयीन व्यवस्था को बेहतर बनाने और काम में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया गया। बैठक में विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से अपने-अपने विभाग की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
टीम भावना और आपसी समन्वय पर जोर
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जिले के विकास और आम जनता को बेहतर सरकारी सेवाएं देने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग करें।
आम जनता की समस्याओं के निराकरण पर फोकस
कलेक्टर ने अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की शिकायतों और आवेदनों का अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। संबंधित विभाग अपने स्तर पर मामलों का परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों को फील्ड स्तर पर भी निगरानी रखने की जरूरत है।
राजस्व मामलों को लेकर दिए निर्देश
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने राजस्व विभाग के कार्यों को महत्वपूर्ण बताते हुए लंबित राजस्व प्रकरणों के जल्द निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा में निपटाया जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में देरी होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर प्रकरणों की समीक्षा करें और उनका समय पर निराकरण सुनिश्चित करें।
साथ ही सभी अधिकारियों को अपने विभागीय कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोगों को शासकीय सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
ई-फाइलिंग और बेहतर कार्यालयीन व्यवस्था पर जोर
नई कलेक्टर ने कार्यालयीन कामकाज में आधुनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। विभागीय कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के साथ ही ई-फाइलिंग जैसी डिजिटल व्यवस्था के इस्तेमाल पर भी फोकस किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य कार्यालयीन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है, जिससे फाइलों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो और विभागीय कामकाज अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके।
इन जिलों में भी संभाल चुकी हैं जिम्मेदारी
तुलिका प्रजापति इससे पहले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
वे महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक के रूप में भी काम कर चुकी हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग में उप सचिव के पद पर भी जिम्मेदारी निभाई है।
तुलिका प्रजापति बेमेतरा, बलरामपुर और कोरिया जिलों में जिला पंचायत CEO के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम करने का उनका अनुभव अब कबीरधाम जिले के प्रशासन में दिखाई देने की उम्मीद है।
अधिकारियों के साथ पहली बैठक में तय की प्राथमिकताएं
कलेक्टर के पदभार ग्रहण करने के बाद हुई पहली बैठक में जिले के प्रशासनिक कामकाज और योजनाओं को लेकर प्राथमिकताएं स्पष्ट नजर आईं। टीम भावना, आपसी समन्वय, राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण और आम जनता की समस्याओं का समाधान उनकी शुरुआती प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
बैठक में अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, सागर सिंह राज, रामप्रसाद आचला सहित एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अब आने वाले दिनों में कलेक्टर तुलिका प्रजापति की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक फैसलों पर जिले की नजर रहेगी। पदभार संभालते ही अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से साफ है कि वे समयबद्ध कामकाज, बेहतर समन्वय और जनता से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर फोकस करना चाहती हैं।



