बालोद के 25 किसानों से 10.79 लाख की ठगी, ज्यादा कीमत का लालच देकर खरीदा अनाज

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गुरुर थाना क्षेत्र में आरोपियों ने 25 किसानों को अनाज की ज्यादा कीमत देने का लालच देकर करीब 10 लाख 79 हजार 500 रुपए का उत्पाद खरीद लिया, लेकिन किसानों को उनके अनाज का भुगतान नहीं किया। कई महीने तक पैसे नहीं मिलने के बाद किसानों ने थाने पहुंचकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
ज्यादा कीमत का लालच देकर किसानों को फंसाया
मामला गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम सोंहपुर और रमतरा से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार अप्रैल महीने में आरोपी हितेश्वर मंडावी और भानुप्रताप सिन्हा ग्राम सोंहपुर पहुंचे थे। गांव के ही इमेंद्र कुमार ठाकुर ने दोनों की किसानों से मुलाकात कराई।
आरोपियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे बाजार में मिलने वाली कीमत से ज्यादा दाम पर उनका अनाज खरीदेंगे। इसी दौरान चना का भाव 5,200 रुपए प्रति क्विंटल बताया गया। बाजार भाव से अधिक कीमत मिलने की उम्मीद में कई किसान आरोपियों के झांसे में आ गए।
इसके बाद किसानों ने चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी समेत अपने सालभर के कृषि उत्पाद आरोपियों को बेच दिए। किसानों को उम्मीद थी कि अनाज देने के बाद तय कीमत के अनुसार उन्हें जल्द भुगतान मिल जाएगा।
लेकिन अनाज लेने के बाद आरोपियों ने किसानों को भुगतान नहीं किया।
25 किसानों से खरीदा 10.79 लाख का अनाज
पुलिस शिकायत के मुताबिक सोंहपुर और रमतरा के कुल 25 किसानों से अलग-अलग कृषि उत्पाद खरीदे गए थे। इनमें चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी शामिल हैं।
प्रार्थी मिथलेश कुमार साहू ने आरोपियों को 20.91 क्विंटल चना दिया था। इसकी कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए बताई गई है।
वहीं सोंहपुर के 12 किसानों से कुल 5 लाख 74 हजार 500 रुपए का चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी खरीदा गया। इसके अलावा रमतरा के 12 किसानों से करीब 5 लाख 5 हजार रुपए का कृषि उत्पाद लिया गया।
इस तरह किसानों से खरीदे गए उत्पाद की कुल कीमत 10 लाख 79 हजार 500 रुपए बताई गई है।
कई महीने इंतजार के बाद किसानों ने की शिकायत
अनाज सौंपने के बाद किसान लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करते रहे। कई महीने बीत जाने के बाद भी जब उन्हें पैसे नहीं मिले तो किसानों को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
इसके बाद 20 अगस्त को किसान एकजुट होकर गुरुर थाना पहुंचे। किसानों ने सामूहिक रूप से लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलते ही गुरुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। थाना प्रभारी ने आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की।
पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूला
पुलिस टीम ने मामले में संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने किसानों से अनाज खरीदने और भुगतान नहीं करने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भानुप्रताप सिन्हा (31), निवासी बोरतरा और इमेंद्र कुमार ठाकुर (39), निवासी सोंहपुर को गिरफ्तार किया।
वहीं इस मामले का मुख्य आरोपी हितेश्वर मंडावी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है।
5 लाख की पिकअप भी जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई पिकअप वाहन क्रमांक CG 24 E 1300 भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपए है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किसानों से खरीदा गया अनाज कहां बेचा और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
दोनों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 21 अगस्त को CJM न्यायालय, बालोद में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वहीं मुख्य आरोपी हितेश्वर मंडावी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
किसानों से पुलिस की अपील
इस घटना के बाद किसानों के बीच भी इस तरह के खरीददारों को लेकर चिंता बढ़ी है। पुलिस ने किसानों से अपील की है कि अनाज या अन्य कृषि उत्पाद बेचते समय खरीदार की पहचान और भुगतान की व्यवस्था की पूरी जानकारी रखें।
किसी भी व्यक्ति द्वारा बाजार से असामान्य रूप से ज्यादा कीमत देने का लालच दिए जाने पर किसान सतर्क रहें और संभव हो तो लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और भुगतान की शर्तों को लिखित रूप में रखें।
बालोद के इस मामले में फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद धोखाधड़ी से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।



