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Chhattisgarh

स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव की ओर छत्तीसगढ़, 103 करोड़ की परियोजनाओं से लेकर नए मेडिकल कॉलेजों तक बढ़ी रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में कई योजनाओं पर काम कर रही है।

हाल ही में रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में 103 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं में आधुनिक सर्जिकल विंग, कैंसर संस्थान के विस्तार, मेडिकल विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक छात्रावास और चिकित्सकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

छात्रों की मांग पर छात्रावास का काम शुरू

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की छात्रावास से जुड़ी मांग पर त्वरित कार्रवाई की बात कही है। सरकार के अनुसार, विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार रायपुर और अन्य बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। बस्तर, सरगुजा और कबीरधाम जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, इन क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं का दूरस्थ क्षेत्रों में उपलब्ध होना भी इसी विस्तार का हिस्सा है।

1046 अस्पतालों में 133 तरह की जांच निशुल्क

राज्य में स्वास्थ्य जांच को आसान बनाने के लिए 1046 अस्पतालों में 133 प्रकार की जांच निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इन जांचों की रिपोर्ट मरीजों तक व्हाट्सऐप और संदेश के माध्यम से पहुंचाने की सुविधा भी दी जा रही है।

इस डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम होगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।

मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर

राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार की योजना पर काम कर रही है। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पांच नए मेडिकल कॉलेजों की योजना और नर्सिंग व फिजियोथेरेपी कॉलेजों के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की 50 सीटों को मंजूरी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों के साथ मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की घोषणा की गई है।

योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी बढ़ावा

राज्य में आधुनिक चिकित्सा के साथ योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी बढ़ावा देने की दिशा में पहल की गई है। इसके तहत 100 बिस्तरों वाले अस्पताल और रिसर्च सेंटर के निर्माण का उल्लेख किया गया है।

केंद्र के सहयोग से स्वास्थ्य योजनाओं को गति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, केंद्र के सहयोग से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को गति मिल रही है।

डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति और भविष्य में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की संभावनाओं को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

लंबित मेडिकल कॉलेजों का निर्माण फिर शुरू

राज्य में लंबे समय से लंबित मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। कोरबा, कांकेर और महासमुंद में मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य दोबारा शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा बिलासपुर स्थित सिम्स के उन्नयन की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

जगदलपुर में दूसरे बड़े हार्ट सेंटर की स्थापना की योजना से बस्तर और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर हृदय चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

मेडिकल विद्यार्थियों से प्रदेश में सेवा का आह्वान

मुख्यमंत्री ने मेडिकल विद्यार्थियों से पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदेश के दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों में भी सेवाएं देने का आह्वान किया है। सरकार का मानना है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच और मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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