Follow Us on Our Social Media
ChhattisgarhRaipur

छत्तीसगढ़ में 240 ई-बसों का इंतजार: रायपुर-बिलासपुर-भिलाई-कोरबा में डिपो तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पीएम ई-बस सेवा के तहत मंजूर 240 इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार अब भी जारी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में इन बसों के संचालन की तैयारियां चल रही हैं। चारों शहरों में डिपो, चार्जिंग स्टेशन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक एक भी ई-बस सड़क पर नहीं उतरी है।

छत्तीसगढ़ को 240 ई-बसें मंजूर, डिपो तैयार होने का इंतजार

केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा के तहत छत्तीसगढ़ के चार शहरों के लिए कुल 240 बसें स्वीकृत हैं। इनमें रायपुर को 100, दुर्ग-भिलाई को 50, बिलासपुर को 50 और कोरबा को 40 ई-बसें मिलनी हैं। राज्य शासन ने बसों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए संबंधित निकायों को जरूरी निर्देश और पत्र जारी किए हैं।

रायपुर में 100 ई-बसों की तैयारी

राजधानी रायपुर में 100 ई-बसें चलाने की योजना है। इसके लिए नगर निगम की ओर से रूट सर्वे और कंडक्टरों की नियुक्ति से जुड़ी निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। वहीं हीरापुर-जरवाय क्षेत्र में रिंग रोड-2 के पास करीब 5 एकड़ जमीन पर ई-बस डिपो तैयार किया जा रहा है।

करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस डिपो में बसों की चार्जिंग के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक डिपो को पूरी तरह तैयार होने में अभी करीब 5 से 6 महीने लग सकते हैं।

भिलाई में डिपो का काम लगभग पूरा

दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लिए 50 ई-बसें मंजूर की गई हैं। भिलाई में ई-बस डिपो का काम करीब 90 फीसदी पूरा होने की जानकारी सामने आई है। अब बसों के संचालन से जुड़ी संविदा और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।

बसों के सड़क पर उतरने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिलासपुर में 13 चार्जिंग स्टेशन तैयार

बिलासपुर को 50 ई-बसें मिलनी हैं। इनके संचालन के लिए कोनी स्थित सिटी बस डिपो में टर्मिनल तैयार किया जा रहा है। यहां 13 चार्जिंग स्टेशन, वर्कशॉप और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

डिपो और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बसों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कोरबा में 40 ई-बसों की तैयारी

कोरबा के लिए 40 ई-बसें स्वीकृत हैं। दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड में चार्जिंग सब-स्टेशन और टर्मिनल तैयार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर काम करीब 80 फीसदी पूरा होने की जानकारी है।

ई-बसों के संचालन के लिए करीब 20 रूटों का रूट चार्ट भी तैयार किया गया है। अब डिपो और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के पूरा होने का इंतजार है।

डिपो हैंडओवर के बाद मिलेगी बसों की डिलीवरी

पीएम ई-बस सेवा के तहत बसों की डिलीवरी डिपो हैंडओवर और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से की जाती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में फिलहाल सबसे बड़ा फोकस डिपो निर्माण पूरा करने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करने पर है।

राजस्थान और मध्यप्रदेश में शुरू हुआ संचालन

पीएम ई-बस सेवा के तहत राजस्थान को 1,150 और मध्यप्रदेश को 972 बसें मंजूर हुई हैं। राजस्थान में 110 ई-बसें आठ शहरों तक पहुंच चुकी हैं। वहीं मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर में ई-बसों का संचालन शुरू हो चुका है।

इसके मुकाबले छत्तीसगढ़ में मंजूर 240 बसों का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदेश के चार शहरों में तैयार हो रहे डिपो पर अब लोगों की नजर है।

पर्यावरण के साथ सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा फायदा

ई-बसों के संचालन से शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा जैसे प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

हालांकि, बसों के वास्तविक संचालन के लिए डिपो निर्माण, चार्जिंग स्टेशन, रूट निर्धारण, कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी है। अब देखना होगा कि ये सभी तैयारियां पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ की 240 ई-बसें कब तक सड़कों पर उतरती हैं।

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button