नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा की आग: 5 जिलों में कर्फ्यू, झंडा विवाद और डीजे बजाने से भड़का बवाल

काठमांडू। नेपाल के मधेश प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। हिंसा के बाद प्रशासन ने कई प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सबसे ज्यादा असर भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में हुई। बताया गया कि कांवड़ यात्रा से पहले कुछ युवकों ने बिजली के पोल पर लगे मुस्लिम समुदाय के झंडे को हटाकर भगवा झंडा लगा दिया। इसके बाद मंदिर के बाहर तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और कई इलाकों में तनाव फैल गया।
कई जिलों में कर्फ्यू, सुरक्षा बढ़ाई गई
हिंसा के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। हालात पर काबू पाने के लिए सरकार लगातार समीक्षा कर रही है।
पुलिस कार्रवाई में हुई मौतें
हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने फायरिंग की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
नेपाल के तराई और मधेश क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय विवाद, धार्मिक जुलूस, पहचान की राजनीति और प्रशासनिक चुनौतियां ऐसे तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं।

