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SIR के खिलाफ आज विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान में जुटेंगे 10 लाख लोग; राहुल-खड़गे समेत 20 दलों के नेता करेंगे संबोधित

दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के विरोध में INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली हो रही है। इसमें 20 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। कांग्रेस ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई नेता सभा को संबोधित करेंगे।

विपक्षी दलों की इस रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध किया जाएगा। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे वोट के अधिकार और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताया है। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से संबंधित फैसले नियमानुसार और सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं।

सुबह से रामलीला मैदान में जुटने लगे कार्यकर्ता

रविवार सुबह से ही रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक के समर्थकों और कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। मैदान के बाहर राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के कटआउट लगाए गए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता हिमाचल भवन के बाहर भी जुटे और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।

रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में 200 से 250 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। मैदान के अलग-अलग हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। पुलिस के मुताबिक, रैली के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी गई है। इसके बाद मैदान खाली करना होगा।

सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ सेवा दल, सिविल डिफेंस कमेटी और स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य भी सहयोग कर रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आसपास की सड़कों पर भी वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं। मिंटो ब्रिज से INDIA ब्लॉक का मार्च शुरू होने की तैयारी भी की गई है।

व्यापारी संगठन ने राहुल को चौथी बार लिखी चिट्ठी

रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को चौथी बार चिट्ठी लिखकर रैली से कारोबार और ट्रांसपोर्ट पर पड़ने वाले असर की जानकारी दी है। संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि रैली के कारण करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं। रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे में परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

CTI ने अनुमान जताया है कि रैली के कारण दिल्ली के कारोबार को 10 से 12 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो सकता है। संगठन ने INDIA ब्लॉक के सभी दलों को भी पत्र लिखकर रैली की तारीख पर विचार करने की अपील की थी। व्यापारियों ने पहले इसे 10 नवंबर तक टालने का सुझाव दिया था, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में कारोबार प्रभावित न हो।

संगठन के मुताबिक, रामलीला मैदान के करीब 5 किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे बड़े थोक बाजार हैं। रैली के कारण बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्रतिबंध लगने से दिल्ली के बाहर से आने वाले 3 से 4 लाख खरीदारों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

राहुल बोले- रैली के साथ दिल्ली के बाजारों से खरीदारी भी करें

राहुल गांधी ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रैली में शामिल होने आ रहे लोगों से दिल्ली के व्यापारियों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिवाली, छठ और भाई दूज के त्योहारों का समय है। ऐसे में जो लोग दूसरे राज्यों से दिल्ली आ रहे हैं, वे प्रदर्शन और मार्च में शामिल होने के साथ बाजारों से खरीदारी भी करें।

राहुल ने व्यापारियों को होने वाले नुकसान की आशंका को लेकर कहा कि रैली से कारोबार प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से नुकसान की आशंका को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। वहीं, व्यापारी संगठनों का कहना है कि भीड़ और ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट सकती है।

25 दिन में सातवीं बार विपक्ष एकजुट

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल सातवीं बार एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन किए गए थे। 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, RJD और वाम दलों समेत कई विपक्षी नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।

इसके बाद 12 विपक्षी दलों के 13 नेताओं ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 15 अक्टूबर को कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और मामले को SIR से जुड़ी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।

27 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई की। चुनाव आयोग ने अदालत में कहा कि SIR से जुड़े फैसले सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आयोग के जवाब पर अपनी बात रखने के लिए 10 दिन का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को तय की गई है।

विपक्ष बोला- मतदाताओं के अधिकारों की लड़ाई

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रैली को समर्थन देते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और विपक्ष का संघर्ष मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि रामलीला मैदान की रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। वहीं, राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश में वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा आंदोलन है।

रविवार की रैली में विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी बात रखेंगे। दूसरी ओर, रैली के कारण राजधानी के बाजारों, यातायात और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाले असर को लेकर व्यापारी संगठन और प्रशासन सतर्क हैं।

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