JPSC-JSSC विवाद में सियासी टकराव तेज, छात्रों के समर्थन में झारखंड बंद, सरकार ने उठाए सवाल

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन पहुंच गया। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। बंद के मद्देनजर रांची समेत कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। कई निजी स्कूलों ने भी बंद को देखते हुए छुट्टी की घोषणा की है।
छात्रों के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद
सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हुए।
बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए छात्रों की मांगों के समर्थन में बंद बुलाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कराई जानी चाहिए और छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। बीजेपी ने कांवरियों और आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा है। बंद सुबह 8 बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहने की बात कही गई है।
सरकार और कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर छात्रों को राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत और विश्वास के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। सरकार की ओर से बंद के राजनीतिक उद्देश्य पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस ने भी बीजेपी के बंद को राजनीतिक कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के साथ हुई घटना गंभीर है और यदि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी कांग्रेस ने की है। वहीं बीजेपी का कहना है कि छात्रों की मांगों को स्वीकार करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।



