तुर्की में ट्रंप की सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा, कैटरिंग कंटेनर से बदला विमान, 34 दिन बाद सामने आई पूरी कहानी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पिछले महीने तुर्की यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कथित ईरानी प्रॉक्सी खतरे के बीच ट्रंप ने बेहद गुप्त तरीके से अपना विमान बदल लिया था। यह घटना 8 जुलाई की बताई जा रही है, लेकिन इसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई है।
ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए तुर्की के अंकारा पहुंचे थे। तुर्की से ब्रिटेन रवाना होने के दौरान उन्होंने पुराने बोइंग 747 विमान से एक छोटे C-32A विमान में गुप्त रूप से स्थानांतरण किया। खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी मीडिया और कुछ अमेरिकी अधिकारियों तक को नहीं थी।
कैटरिंग कंटेनर के जरिए बदला विमान
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को पुराने बोइंग 747 से बाहर निकालने के लिए कैटरिंग कंटेनर का इस्तेमाल किया गया। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, कंटेनर के जरिए ट्रंप को छोटे C-32A विमान तक पहुंचाया गया। इसके बाद वह इसी विमान से ब्रिटेन के लिए रवाना हुए।
इस पूरी प्रक्रिया को इतना गुप्त रखा गया कि पुराने विमान में मौजूद पत्रकारों को भी यह पता नहीं चला कि राष्ट्रपति विमान बदल चुके हैं। पत्रकारों को विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। सामने आए वीडियो में पुराने बोइंग विमान से एक कैटरिंग ट्रक नीचे आता और बाद में छोटे विमान की ओर जाता दिखाई देता है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ब्रिटेन पहुंचने के बाद ट्रंप बड़े बोइंग विमान से बाहर आते दिखाई दिए। दोनों विमान ब्रिटेन पहुंचे थे। इसके बाद ट्रंप को कतर से मिले नए विमान में ले जाया गया। हालांकि, वह छोटे C-32A विमान से बड़े विमान में कब और किस तरह पहुंचे, इसकी पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
कतर से मिले नए विमान की सुरक्षा पर भी सवाल
इस घटना के बाद कतर से मिले नए विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नए विमान में पुराने एयरफोर्स वन विमानों में मौजूद कुछ सुरक्षा सुविधाएं नहीं हैं। इनमें एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी शामिल बताया गया है।
कतर के शाही परिवार की ओर से यह लग्जरी विमान ट्रंप को दिया गया था। ट्रंप ने पुराने बोइंग 747 विमानों को लेकर कई बार नाराजगी जताई थी। नए विमान में आवश्यक बदलाव किए जाने के बाद उन्होंने 1 जुलाई को पहली बार इसका इस्तेमाल किया था। तुर्की की यात्रा इस विमान की पहली विदेशी यात्रा थी।
व्हाइट हाउस ने विमान की सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे सवालों को खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि विमान आधुनिक है और इसमें उच्च स्तर के सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं। वहीं, तुर्की यात्रा के दौरान विमान बदलने की घटना ने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित खतरे को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।



