बर्फ जमने की चेतावनी के बाद तेज रफ्तार से नीचे गिरा प्राइवेट जेट, फ्लोरिडा में 9 लोगों की मौत

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक दर्दनाक विमान हादसे में प्राइवेट लियरजेट-60 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टेक्सास से बहामास जा रहा विमान पाम बीच काउंटी के रिहायशी इलाके के पास सड़क पर गिरा, जिसमें सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान बेहद तेज गति से नीचे गिरा और जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ।
हादसा मिलिट्री ट्रेल और 10वीं एवेन्यू नॉर्थ के पास हुआ। विमान के सड़क से टकराने के बाद वहां बड़ा गड्ढा बन गया और आग की तेज लपटें उठने लगीं। विमान रिहायशी इलाके और घरों के बेहद करीब गिरा था। हादसे के बाद आसपास का रास्ता बंद कर दिया गया और करीब 600 लोगों को अस्थायी रूप से अपने घरों से हटना पड़ा। इलाके में करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
ट्रंप के मार-ए-लागो रिजॉर्ट से करीब 8 मील दूर हादसा
विमान ने टेक्सास के ऑस्टिन-बर्गस्ट्रॉम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और बहामास के नॉर्थ एलुथेरा एयरपोर्ट जा रहा था। दुर्घटनास्थल वेस्ट पाम बीच एयरपोर्ट से करीब 4 मील दक्षिण और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिजॉर्ट से लगभग 8 मील दक्षिण-पश्चिम में बताया गया।
हादसे से करीब एक घंटे पहले ट्रंप एयर फोर्स वन से इसी इलाके के एयरपोर्ट से रवाना हुए थे। विमान दुर्घटना की जांच संघीय विमानन प्रशासन और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड द्वारा की जा रही है।
पायलट ने दी थी विमान पर बर्फ जमने की चेतावनी
हादसे से कुछ मिनट पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया था कि विमान पर बर्फ जम रही है। उस समय बाहरी तापमान करीब माइनस 47 डिग्री सेल्सियस था और विमान को तेज झटकों का सामना करना पड़ रहा था।
पायलट ने शुरुआत में स्थिति को संभालने की बात कही थी, लेकिन कुछ देर बाद उसने विमान को ऊंचाई पर ले जाने की अनुमति मांगी और फिर आपातकाल घोषित कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। पायलट ने पहले 8,000 फीट और फिर 10,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आने की जानकारी दी। अंतिम क्षणों में विमान के करीब 20,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरने की सूचना दी गई।
फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, विमान बहुत कम समय में हजारों फीट नीचे आ गया था। हादसे के समय इलाके में खराब मौसम और तेज तूफानी परिस्थितियां थीं। हालांकि, दुर्घटना की मुख्य वजह मौसम था या कोई तकनीकी खराबी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लियरजेट-60 से जुड़ा सबसे घातक हादसा
जानकारी के अनुसार, लियरजेट-60 मॉडल से जुड़ा यह अब तक का सबसे घातक हादसा माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2008 में इसी मॉडल का एक विमान दक्षिण कैरोलिना में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी।
हादसे वाले विमान का रजिस्ट्रेशन नंबर N722BD बताया गया है। जांच एजेंसियां विमान के मलबे की जांच कर रही हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मौजूद था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही इस दर्दनाक हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।



