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कोर कमेटी को लेकर सीजेपी में बवाल, अभिजीत दीपके के घर के बाहर दो युवाओं ने दिया धरना

मुंबई-महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (छत्रपति संभाजीनगर) में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कोर कमेटी के गठन को लेकर आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के तहत, अभिजीत दीपके के आवास के बाहर कुछ युवा धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए परिवारवाद और पक्षपात (Nepotism & Favoritism) का मुद्दा उठाया है और जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े सभी कोऑर्डिनेटर्स को पार्टी में उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है।

450 को ऑर्डिनेटर्स की अनदेखी का आरोप

प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि देश के तमाम युवाओं का साझा आंदोलन था।

उनका दावा है कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से लगभग 450 लोग कोऑर्डिनेटर के रूप में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।

हाल ही में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में इन अनुभवी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर केवल चुनिंदा लोगों और अभिजीत दीपके के करीबियों को ही तरजीह दी गई।

युवाओं का यह भी आरोप है कि पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका से इस बारे में लंबी बातचीत हुई, लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

‘जब तक पारदर्शी फैसले नहीं, तब तक अन्न-जल त्याग’

सीजेपी कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने मीडिया के सामने खुलकर अपना पक्ष रखते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं:

उन्होंने कहा कि अगर चीजें लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ें, तभी देश का भला हो सकता है।

कार्यकर्ताओं ने घोषणा की है कि जब तक पार्टी लोकतांत्रिक ढंग से टीम का गठन कर सभी फैसले पारदर्शी रूप से नहीं लेती, तब तक वे अन्न-जल का त्याग कर धरने पर बैठे रहेंगे।

मनीष ने आरोप लगाया कि बैठकों में अपने चहेतों, परिवार के सदस्यों और दोस्तों को शामिल किया जा रहा है, जबकि संघर्ष करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

भाई-भतीजावाद और पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि इस आंदोलन की मूल भावना पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होनी चाहिए। चुनिंदा लोगों द्वारा बंद कमरे में फैसले लेने की संस्कृति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक आंदोलन में शामिल हर राज्य के प्रतिनिधियों और वॉलंटियर्स को बिना किसी भेदभाव के उचित स्थान नहीं मिलता, तब तक उनका यह विरोध और अनशन जारी रहेगा।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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