MP-UP की 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; हिमाचल में 219 मौतें, राजस्थान में 40° पार

दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून (MAUSAM) का असर जारी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। दोनों राज्यों की 7 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ समेत अन्य घटनाओं में अब तक 219 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
MP में नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में स्ट्रॉन्ग सिस्टम के सक्रिय होने से डिंडौरी, पन्ना समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी है। नर्मदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
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कई इलाकों (MAUSAM) में सड़क और पुलों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे भी पानी बढ़ने के कारण बंद किया गया है।
UP के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। गंगा, घाघरा, शारदा, टोंस, सोन और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। करीब 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 65 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल में 219 मौतें
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य घटनाओं में 219 लोगों (MAUSAM) की जान गई है। इनमें सबसे ज्यादा 131 मौतें सड़क हादसों में हुईं। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की संभावना है।
राजस्थान में 40.1° तापमान
राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कम रही हैं। इसके चलते गुरुवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। हालांकि शुक्रवार को राज्य के 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।



