मध्य प्रदेश में 12 लाख अंत्योदय परिवारों की रियायती शक्कर बंद, अप्रैल से PDS में आवंटन शून्य

भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली रियायती शक्कर का वितरण अप्रैल से बंद है। प्रदेश के करीब 12 लाख अंत्योदय परिवारों को 20 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाली शक्कर का आवंटन अप्रैल से अगस्त तक शून्य रहा है।
aEPDS पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 12,51,418 किलो, फरवरी में 12,35,167 किलो और मार्च में 12,58,320 किलो शक्कर का आवंटन हुआ था। इसके बाद अप्रैल से अगस्त तक शक्कर का आवंटन पूरी तरह शून्य दर्ज किया गया है।
मैदानी अधिकारियों के मुताबिक शक्कर का आवंटन शासन या केंद्र स्तर से नहीं मिलने के कारण उचित मूल्य की दुकानों पर इसका वितरण नहीं हो पा रहा है।
इथेनॉल नीति को लेकर विपक्ष हमलावर
शक्कर की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि गन्ने का बड़े पैमाने पर इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने के कारण चीनी मिलों में शक्कर का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे बाजार में कीमतें बढ़ी हैं और इसका सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
बाजार में 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंची कीमत
रियायती शक्कर बंद होने के बीच खुले बाजार में इसकी कीमत 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। वहीं 50 किलो की शक्कर की बोरी, जो पहले करीब 2,000 रुपये में मिलती थी, अब लगभग 3,225 रुपये तक पहुंच गई है।
शक्कर की कीमत बढ़ने का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी दिखाई दे रहा है। आम दुकानों पर 10 रुपये में मिलने वाली चाय की कीमत बढ़कर 15 रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब बाजार में शक्कर महंगी हो रही है, तो प्रदेश के करीब 12 लाख अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली रियायती शक्कर का वितरण आखिर कब शुरू होगा।



