Follow Us on Our Social Media
International

अमेरिका-ईरान समझौते का इंतजार,

इजरायल का बैरूत पर हमला; मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव

इजरायल-मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इजरायल ने लेबनान की राजधानी बैरूत में हिज़्बुल्लाह के एक कमांड सेंटर पर बड़ा सैन्य हमला कर दिया। इस कार्रवाई को क्षेत्र में जारी संघर्ष के और अधिक गंभीर होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रस्तावित समझौते को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मसौदा समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने, ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत देने और तेहरान की परमाणु गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। इसके तहत ईरान को अंतिम समझौते तक परमाणु हथियार न बनाने और अपने वर्तमान परमाणु कार्यक्रम की स्थिति को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जतानी होगी।

अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी होगा समाप्त 

सूत्रों के मुताबिक, समझौते के मसौदे में यह भी प्रस्ताव है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल देगा, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त करेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य सभी प्रकार के समुद्री यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह दावा भी किया कि अंततः अमेरिका, ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार तक पहुंच हासिल कर सकता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने हस्ताक्षर की समयसीमा को किया खारिज 

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार तक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की समयसीमा को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि समझौता निकट है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापक युद्धविराम में लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियानों को रोकना भी शामिल होना चाहिए, जबकि इजरायल ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया है।

इसी बीच, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं। बैरूत में हुए ताजा हमले ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है तथा शांति प्रयासों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका-ईरान समझौता क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि, इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ता संघर्ष इस प्रक्रिया को जटिल बनाता नजर आ रहा है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास युद्ध की आशंकाओं पर भारी पड़ पाएंगे या फिर मध्य पूर्व एक नए और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।

 

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button