IGKV पेपर लीक पर बवाल! NSUI का प्रदर्शन, जिम्मेदारों को 72 घंटे का अल्टीमेटम

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV में पेपर लीक का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। B.Sc. द्वितीय वर्ष की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत के बाद परीक्षा रद्द किए जाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर NSUI ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने किया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के साथ इस्तीफे की मांग की।
IGKV पेपर लीक पर NSUI का हंगामा
बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नकली नोट और डायपर रखकर विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सवाल उठाए।
NSUI का आरोप है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में प्रश्नपत्र का लीक होना बेहद गंभीर मामला है। संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
72 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान NSUI ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने साफ कहा है कि अगर तय समय में जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जांच पूरी कर दोषियों तक पहुंचने की है।
शिकायत के बाद रद्द हुई परीक्षा
यह पूरा मामला B.Sc. द्वितीय वर्ष के Pest Management in Crops and Stored Grains-I (AENT 221) विषय की परीक्षा से जुड़ा है। प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत कवर्धा से सामने आई थी।
शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। हालांकि, नई तारीख विश्वविद्यालय की ओर से अलग से जारी की जाएगी।
5 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक के मुताबिक, प्रश्नपत्र रायपुर में तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कॉलेजों में भेजा जाता है। इसलिए जांच में प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर कॉलेजों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को खंगाला जाएगा।
28 कॉलेज भी जांच के दायरे में
IGKV से जुड़े 28 कॉलेजों में प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं। ऐसे में जांच समिति यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पेपर आखिर किस स्तर से लीक हुआ।
अब सवाल यही है कि प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के बीच सुरक्षा में चूक कहां हुई? क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी या फिर पेपर किसी अन्य माध्यम से बाहर पहुंचा?
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
छात्रों की नजर जांच रिपोर्ट पर
पेपर लीक की वजह से परीक्षा रद्द होने का सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ा है। छात्रों को अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। ऐसे में विद्यार्थी भी चाहते हैं कि मामले की जांच जल्द पूरी हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।
फिलहाल एक तरफ विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय कमेटी जांच में जुटी है, तो दूसरी तरफ NSUI ने 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर दबाव बढ़ा दिया है। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटना किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। रिपोर्ट आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।अब देखना होगा कि जांच समिति की रिपोर्ट में पेपर लीक का जिम्मेदार कौन होता है और विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।



