राजनांदगांव में जल्द पाइपलाइन से मिलेगी रसोई गैस, करीब 6 हजार में PNG कनेक्शन;
इन इलाकों से होगी शुरुआत

राजनांदगांव। शहर के लोगों के लिए रसोई गैस को लेकर बड़ी सुविधा आने वाली है। अब जल्द ही घरों में गैस सिलेंडर की जगह पाइपलाइन के जरिए PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस पहुंचने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ शहरी गैस नीति 2026 के तहत राजनांदगांव में PNG नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
योजना को लेकर नगर निगम, खाद्य विभाग और गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ महापौर मधुसूदन यादव की मौजूदगी में बैठक हुई। बैठक में परियोजना की कार्ययोजना, पाइपलाइन बिछाने और शहर के अलग-अलग इलाकों में कनेक्शन देने को लेकर चर्चा की गई।
सिलेंडर की झंझट खत्म, अब पाइपलाइन से आएगी गैस
PNG कनेक्शन शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार गैस सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने और सिलेंडर को उठाकर रखने की परेशानी से राहत मिल सकती है। पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे घर की रसोई तक पहुंचेगी।
इस व्यवस्था में उपभोक्ता जितनी गैस इस्तेमाल करेगा, उसी हिसाब से बिल का भुगतान करना होगा। यानी गैस की खपत कम तो बिल भी कम और ज्यादा खपत पर भुगतान ज्यादा होगा।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचने से शहरवासियों को सुविधा मिलेगी और रसोई गैस की व्यवस्था पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो सकती है।
करीब 6 हजार रुपए तक होगा शुरुआती कनेक्शन खर्च
परियोजना के तहत प्रत्येक घर में PNG कनेक्शन के साथ मीटर लगाया जाएगा। शुरुआती कनेक्शन खर्च करीब 6 हजार रुपए तक आने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, वास्तविक खर्च कनेक्शन और परियोजना की अंतिम व्यवस्था के अनुसार तय होगा। कनेक्शन मिलने के बाद उपभोक्ता को अलग-अलग सिलेंडर की तरह गैस भरवाने की जरूरत नहीं होगी। पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस की आपूर्ति की व्यवस्था होगी और इस्तेमाल के आधार पर बिल आएगा।
इन इलाकों से शुरू होगी PNG पाइपलाइन
परियोजना के पहले चरण में शहर के कुछ विकसित इलाकों को PNG पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इनमें अंबेडकर चौक, बसंतपुर चौक, गोकुल नगर और आरके नगर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल किए जा रहे हैं।
वहीं, पुराने शहर और ज्यादा घनी आबादी वाले इलाकों में फिलहाल पाइपलाइन बिछाने से बचने की योजना है। इन क्षेत्रों में बाद के चरण में नेटवर्क का विस्तार किया जा सकता है।
ठेलकाडीह से राजनांदगांव तक पहुंचेगी गैस
अदाणी टोटल गैस लिमिटेड के उप संचालक मंजुल बक्शी के मुताबिक, ठेलकाडीह में मुख्य स्टेशन तैयार किया जा रहा है। वहां से राजनांदगांव शहर तक पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है।
शहर में सब-स्टोरेज स्टेशन के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में गैस पहुंचाने की योजना है। इसके बाद घरों तक कनेक्शन देकर PNG की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
शहर में करीब ढाई लाख LPG उपभोक्ता
खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी ने बताया कि राजनांदगांव जिले में वर्तमान में करीब 15 LPG गैस एजेंसियां संचालित हैं और लगभग ढाई लाख उपभोक्ता हैं।
ऐसे में अगर PNG नेटवर्क का विस्तार बड़े स्तर पर होता है, तो शहर के बड़ी संख्या में परिवारों को रसोई गैस का एक नया विकल्प मिल सकता है।
निगम से अनुमति की प्रक्रिया जल्द
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए नगर निगम की अनुमति भी जरूरी होगी। निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने कहा कि PNG परियोजना उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी हो सकती है। शहरी क्षेत्र में परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नगर निगम की ओर से नियमानुसार अनुमति की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी।
बैठक में निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह, पार्षद एवं प्रभारी सदस्य आलोक श्रोती सहित संबंधित अधिकारी और गैस एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सिलेंडर से कितना बदलेगा रसोई का सिस्टम?
PNG आने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर की तरह हर बार बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। घर में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचने से रसोई में गैस की उपलब्धता लगातार बनी रहने की उम्मीद है।
हालांकि, योजना शुरू होने के बाद PNG की कीमत, मासिक बिल, कनेक्शन शुल्क और सुरक्षा मानकों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल होंगे। इन सभी चीजों की स्पष्ट जानकारी परियोजना के लागू होने और कनेक्शन प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामने आएगी।
फिलहाल राजनांदगांव में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने की तैयारी ने शहरवासियों की उम्मीद बढ़ा दी है। अगर परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले समय में गैस सिलेंडर उठाने के बजाय सीधे पाइपलाइन से रसोई तक गैस पहुंचती नजर आएगी।



