छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त शुरुआत, अगले 7 दिन बिजली-बारिश का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून (monsoon) की एंट्री भले ही हो चुकी है, लेकिन इसकी रफ्तार अब तक अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है।
दंतेवाड़ा क्षेत्र से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून आधे से अधिक हिस्से को कवर कर चुका है, फिर भी राज्य में सामान्य से 69 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेशभर में गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 23 जून तक प्रदेश में सामान्य तौर पर 108.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 33.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मानसून लगभग एक सप्ताह की देरी से पहुंचा, जिसका असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है।
बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा प्रभाव
बस्तर संभाग में मानसून (monsoon) का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिला है। बस्तर जिले में 74.8 मिमी बारिश हुई है, हालांकि यह भी सामान्य से 48 प्रतिशत कम है।
दंतेवाड़ा और सुकमा में भी सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं कोंडागांव और बीजापुर में भी औसत से कम बारिश हुई है।
मध्य छत्तीसगढ़ की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। रायपुर में 72 प्रतिशत, महासमुंद में 80 प्रतिशत से अधिक और बलौदाबाजार में करीब 83 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
सबसे गंभीर स्थिति राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में है, जहां वर्षा घाटा 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है।
कई इलाकों में अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों में दौंडी, नांगुर, मैनपुर और धमतरी सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश (monsoon) दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह में यदि व्यापक वर्षा होती है तो मौजूदा वर्षा घाटा तेजी से कम हो सकता है।
प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अगले 10 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों से आकाशीय बिजली और तेज गर्जना के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

