
दिल्ली। भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra) ने लुसाने डायमंड लीग में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। हालांकि, उन्हें शीर्ष स्थान नहीं मिल सका और वह दूसरे नंबर पर रहे।
इसके बावजूद नीरज के प्रदर्शन ने संकेत दे दिए हैं कि वह चोटों से परेशान रहने के बाद धीरे-धीरे अपने पुराने फॉर्म में लौट रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक-2020 में गोल्ड जीतने वाले नीरज अब आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए अपनी तकनीक और लय को लगातार बेहतर कर रहे हैं।
सिर्फ नौ सेंटीमीटर से चूके
लुसाने डायमंड लीग में नीरज ( Neeraj Chopra) की 88.05 मीटर की थ्रो विजेता से महज नौ सेंटीमीटर कम रही। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने उनसे आगे रहते हुए पहला स्थान हासिल किया। नीरज ने कहा कि वह 88 मीटर की दूरी पार करने से खुश हैं। उनका कहना है कि थ्रो के दौरान वह काफी रिलैक्स महसूस कर रहे थे और उन्होंने अपनी तकनीक पर भरोसा रखा।
हर प्रतियोगिता के साथ वापसी महसूस हो रही
नीरज ने माना कि लगातार टूर्नामेंट खेलने से वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रतियोगिता के साथ उन्हें महसूस हो रहा है कि वह वापसी कर रहे हैं। चोटों के कारण पिछले कुछ समय में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा था, लेकिन अब उनकी लय बेहतर होती दिखाई दे रही है।
एशियन गेम्स पर नजर
हाल ही में ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज ( Neeraj Chopra) को गोल्ड का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। अब वह आइची-नागोया एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन कर इसकी भरपाई करना चाहते हैं। लुसाने में 88.05 मीटर की थ्रो ने उनके इरादे साफ कर दिए हैं। नीरज का बढ़ता प्रदर्शन उनके प्रतिद्वंद्वियों के लिए भी चुनौती का संकेत माना जा रहा है।



