CGPSC 2003 भर्ती की फाइल 23 साल बाद फिर खुली, 147 अफसरों के चयन पर सवाल; EOW जल्द पेश कर सकता है चालान

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2003 की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला 23 साल बाद एक बार फिर चर्चा में है। जोगी शासनकाल में हुई इस भर्ती में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी समेत महत्वपूर्ण पदों पर चयन को लेकर सवाल उठे थे। अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) जांच को आगे बढ़ाते हुए कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी में है।
मामले में 15 से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और अभ्यर्थियों को दिए गए अंकों में गड़बड़ी की गई। इसके अलावा स्केलिंग प्रक्रिया में कथित हेरफेर कर कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और उनकी मेरिट प्रभावित करने के आरोप भी लगे हैं।
CGPSC :एक पेज लिखने वाले को 55 अंक मिलने का दावा
दस्तावेजों के मुताबिक, एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर केवल एक पेज उत्तर लिखा था, फिर भी उसे 60 में से 55 अंक दिए गए। वहीं, पूरी उत्तर पुस्तिका लिखने वाले कुछ अभ्यर्थियों को 10 से 15 अंक मिलने की बात सामने आई। अंकों में इस कथित अंतर के बाद परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठे।
मामले में 2005 के बाद तेजी आई। अभ्यर्थियों रविंद्र सिंह, वर्षा डोंगरे समेत अन्य ने RTI के जरिए परीक्षा और मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद PSC की ओर से चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी स्वीकार किए जाने का दावा भी सामने आया।
करीब 11 साल बाद 2016 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने 2003 PSC मेंस परीक्षा के सभी वैकल्पिक विषयों की दोबारा स्केलिंग और एंथ्रोपोलॉजी की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच कर संशोधित मेरिट सूची जारी करने का आदेश दिया।
CGPSC :147 चयनित अधिकारियों के भविष्य पर असर
हाईकोर्ट के फैसले के बाद 147 चयनित अधिकारियों की नियुक्तियां प्रभावित होने की स्थिति बनी। इसके खिलाफ तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर पद्मिनी भोई, संजय चंदन त्रिपाठी समेत कई अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के री-स्केलिंग संबंधी आदेश पर रोक लगा रखी है और मामला लंबित है। इसी बीच EOW की जांच और संभावित चालान की तैयारी से वर्ष 2003 की यह भर्ती एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।



