Follow Us on Our Social Media
National

SIR सूची में नाम नहीं तो जाएगी नौकरी? बंगाल के 3 लाख अस्थायी कर्मचारियों पर मंडराया संकट

पश्चिम बंगाल में करीब 3 लाख अस्थायी और ठेका सरकारी कर्मचारियों की नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों के नाम राज्य की SIR सूची में शामिल नहीं हैं। इसके चलते कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने का डर पैदा हो गया है। प्रभावित कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।

मामले को लेकर कई जिलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी विभागों और विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को केवल दस्तावेजों से जुड़ी समस्या के कारण नौकरी से हटाना उचित नहीं होगा।

कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग उठाई

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार ऐसे कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नियम बनाए, जिनके दस्तावेज पूरे नहीं हैं या जिनके नाम SIR सूची में नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक नागरिकता और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक कर्मचारियों को काम से न हटाया जाए।

श्रमिक संगठनों ने प्रभावित कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा के लिए अंतरिम व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा तय करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हटने से उनके परिवारों पर आर्थिक संकट आएगा और सरकारी सेवाओं तथा कई परियोजनाओं के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने भी मामले को संवेदनशील बताते हुए सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की गलती नहीं है और दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण उसकी नौकरी जाती है तो इस पर सरकार को जवाब देना होगा।

SIR को लेकर सत्ता पक्ष और कर्मचारियों के बीच मतभेद

मामले पर सत्ता पक्ष के विधायक सजल घोष ने अलग रुख अपनाते हुए कहा कि बिना दस्तावेजों के किसी व्यक्ति की नागरिकता कैसे तय की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि SIR प्रक्रिया के कारण कुछ कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होती है तो इसे प्रक्रिया के तहत देखा जाना चाहिए, भले ही इससे सरकारी कामकाज पर असर क्यों न पड़े।

इस बीच प्रशासन की ओर से सत्यापन प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है। संबंधित विभागों के साथ संभावित राहत उपायों पर भी चर्चा की जा रही है। कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम और इस विवाद के समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर है।

Follow Us on Our Social Media

Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button