प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पर 4.51 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप, जांच समिति ने निलंबन की अनुशंसा

बलरामपुर। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पर 4.51 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप, जांच समिति ने निलंबन की अनुशंसा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
अधिकारी पर करीब 4.51 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अधिकारी के निलंबन के साथ संबंधित बैंक खाते को होल्ड करने की अनुशंसा की है।
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बताया गया कि जिले में मनीराम यादव की पदस्थापना के बाद उनकी कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इनमें वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप भी शामिल थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया था।
जांच समिति ने की कार्रवाई की सिफारिश
जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट (DEO) में कथित वित्तीय अनियमितता की राशि करीब 4.51 करोड़ रुपए बताई गई है। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने और संबंधित बैंक खाते को तत्काल होल्ड करने की अनुशंसा की है।
अब प्रशासन की ओर से जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक कार्रवाई और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रभारी मंत्री ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले को लेकर जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से चर्चा की गई। उन्होंने कहा (DEO) कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।
फिलहाल जांच समिति की अनुशंसा के बाद सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। अधिकारी पर लगाए गए वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच और प्रस्तावित कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।



