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लंबे युद्ध के लिए अमेरिका की सैन्य ताकत पर सवाल, हथियारों के भंडार और डिफेंस प्रोडक्शन पर बढ़ी चिंता

अमेरिका के पास अब भी दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य क्षमताओं में से एक है, लेकिन लंबे और एक साथ कई मोर्चों पर चलने वाले युद्ध की स्थिति में उसके हथियारों के भंडार और रक्षा उत्पादन क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ईरान के साथ लंबे संघर्ष में अमेरिकी हथियारों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बाद यह चिंता और बढ़ी है।

कई मोर्चों पर दबाव

रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में तनाव और चीन के साथ बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका को एक साथ कई क्षेत्रों में अपनी सैन्य क्षमता बनाए रखनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे युद्ध के लिए केवल अत्याधुनिक हथियार पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि मिसाइल, गोला-बारूद और एयर डिफेंस सिस्टम लगातार बनाने की क्षमता भी जरूरी है।

हथियारों के भंडार पर चिंता

ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने बड़ी संख्या में लंबी दूरी की मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया है। रिपोर्टों के अनुसार, इससे कुछ महत्वपूर्ण हथियारों के भंडार में कमी आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए रक्षा कंपनियों से नई योजनाएं मांगी हैं।

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सहयोगी देशों के लिए भी चिंता

अमेरिका के हथियारों पर निर्भर सहयोगी देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक साथ कई बड़े संघर्ष शुरू होते हैं, तो क्या अमेरिका अपने सहयोगियों को पर्याप्त हथियार और मिसाइल डिफेंस उपलब्ध करा पाएगा।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका की सैन्य शक्ति खत्म हो रही है। उसके पास परमाणु हथियार, अत्याधुनिक सैन्य तकनीक, दुनिया भर में सैन्य ठिकाने और मजबूत सहयोगी नेटवर्क अब भी मौजूद हैं। चुनौती यह है कि इन संसाधनों को लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में कितनी प्रभावी ढंग से बनाए रखा जा सकता है।

उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

अमेरिका ने हथियारों के भंडार को फिर से मजबूत करने के लिए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। हाल ही में टॉमहॉक मिसाइलों का उत्पादन मौजूदा करीब 60 मिसाइल प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1,000 से अधिक प्रति वर्ष करने के लिए 22.9 अरब डॉलर का सात साल का समझौता किया गया है।

ऐसे में आने वाले वर्षों में अमेरिका की सैन्य ताकत का आकलन केवल उसके हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि हथियारों के उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और लंबे युद्ध को जारी रखने की क्षमता से होगा।

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