Follow Us on Our Social Media
National

ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले ताइवान स्ट्रेट में अमेरिकी विमान की उड़ान, चीन ने रखी कड़ी नजर

अमेरिकी नौसेना का P-8A पोसीडॉन विमान शुक्रवार को ताइवान स्ट्रेट से गुजरा। यह उड़ान ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों को स्थिर करने की कोशिशें जारी हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात को लेकर चर्चा चल रही है। विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में रहा।

अमेरिकी नौसेना के 7वें फ्लीट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ताइवान स्ट्रेट में गतिविधियां जारी रखना सभी देशों के नौवहन अधिकार और स्वतंत्रता के समर्थन का हिस्सा है। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना उन क्षेत्रों में उड़ान, समुद्री आवाजाही और सैन्य गतिविधियां करती है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून इसकी अनुमति देता है।

चीनी सेना ने पूरे रास्ते की निगरानी की

अमेरिकी विमान की उड़ान पर चीन की सेना ने लगातार नजर रखी। चीनी सरकारी समर्थन वाले मीडिया में सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया कि P-8A पोसीडॉन विमान को पूरे ट्रांजिट के दौरान ट्रैक और मॉनिटर किया गया। चीन की ओर से कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में रही।

अमेरिका के सैन्य जहाज और विमान समय-समय पर ताइवान स्ट्रेट से गुजरते रहे हैं। चीन इन गतिविधियों का विरोध करता है और इन्हें ताइवान के मुद्दे पर अपनी संप्रभुता के लिए चुनौती के तौर पर देखता है।

ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले बढ़ी अहमियत

अमेरिकी विमान की यह गतिविधि इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अगले महीने अमेरिका जाने की उम्मीद है, जहां उनकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हो सकती है। दोनों देश व्यापार, तकनीक और ताइवान समेत कई मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद संबंधों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

ताइवान स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और चीन की स्थिति लंबे समय से अलग रही है। अमेरिका यहां अंतरराष्ट्रीय नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन करता है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और इस क्षेत्र में विदेशी सैन्य गतिविधियों का विरोध करता है।

ताइवान को लेकर दोनों देशों की अलग-अलग नीति

चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और ताइवान का मुद्दा अपने आंतरिक मामलों से जुड़ा बताता है। वहीं, ताइवान की सरकार चीन के संप्रभुता संबंधी दावे को स्वीकार नहीं करती और कहती है कि उसके भविष्य का फैसला वहां के लोगों को करना चाहिए।

अमेरिका और ताइवान ताइवान स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानते हैं। इसी वजह से अमेरिका इस क्षेत्र में अपने सैन्य जहाजों और विमानों की आवाजाही जारी रखता है। ऐसे अभियानों से क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच तनाव समय-समय पर बढ़ता रहा है।

Follow Us on Our Social Media

Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button