32 साल बाद राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी, हरियाणा के साथ जल समझौते पर लगी मुहर

करीब 32 साल के लंबे इंतजार के बाद राजस्थान को आखिरकार यमुना नदी के अपने हिस्से का पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर हो गए हैं।
इस समझौते के तहत हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए हर साल राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी दिया जाएगा। इसके लिए करीब 300 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इस परियोजना से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जैसे पानी की कमी वाले जिलों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। वहीं हरियाणा के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी पेयजल की सुविधा बेहतर होगी।
सरकार का कहना है कि इस समझौते से दोनों राज्यों में पानी की समस्या कम होगी, खेती और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी के बेहतर प्रबंधन से दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

